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160 गोल्ड लोन खातों का बैंक टीम कर रही ऑडिट
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:32 PM IST
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कासगंज। सिढ़पुरा केनरा बैंक में गोल्ड लोन के खातों में धोखाधड़ी का मामला सामने आने पर बैंक प्रबंधन ने गोल्ड लोन के सभी 160 खातों की जांच शुरू करा दी है। बैंक ऑडिटरों की टीम सभी खातों की जांच कर रही है। कई गोल्ड लोन खाताधारकों का बैंक में रखा सोना भी नकली निकला है। बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है। मामले में बैंक के वैल्युअर राहुल देव पर धोखाधड़ी का आरोप हैं।
सिढ़पुरा की केनरा बैंक शाखा में चार दिन पूर्व नए प्रबंधक को घोटाले की जानकारी हुई। इस पर उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी। गड़बड़ी की आशंका पर बैंक प्रबंधन ने बैंक के उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। दो दिन का बैंक अवकाश होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी। सोमवार को बैंक खुलने पर ऑडिटरों की टीम बैंक पहुंच गई। तमाम खाताधारक भी बैंक पहुंचे। ऑडिटरों की टीम ने बैंक में रखे सोने का खाताधारकों को बुलाकर परीक्षण कराया। इस परीक्षण में कुछ खाताधारकों का गोल्ड नकली मिला। ऐसे में बैंक प्रबंधन भी में सकते में आ गया। सोमवार को कुछ खातों का ही परीक्षण हो सका। बताया जा रहा है कि अभी जांच जारी रहेगी। बैंक में गोल्ड लोन से जुड़े 160 खाते हैं। राहुल देव पर आरोप है कि बैंक का वैल्युअर होने के नाते उसे ही बैंक में गोल्ड लोन के लिए जेवरातों की गुणवत्ता की जांच करनी होती थी। जांच अधिकार का दुरुपयोग करते हुए लोगों के बैंक खातों पर गोल्ड लोन करा दिया और पैसा भी खुद ले लिया। उसने 70-75 खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी की। राहुल देव फरार है। सोमवार को पटियाली के सीओ कर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बैंक पहुंचकर बैंक प्रबंधक से घोटाले के बारे में जानकारी की तो उन्हें बताया गया कि बैंक का ऑडिट पूरा होने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सिढ़पुरा के थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। बैंक के नौ खातों में नकली जेवरात मिलने की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन बैंक जांच के बाद ही अपनी रिपोर्ट पुलिस को देगी।
- सिढ़पुरा शाखा के सभी गोल्ड लोन खातों का ऑडिट कराया जा रहा है। ऑडिट पूरा होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऑडिट में अभी समय लगेगा। बैंक के वैल्युअर ने धोखाधड़ी की है। जांच में स्पष्ट होगा और उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने बताया कि इस गड़बड़ी का खुलासा स्वयं बैंक के प्रबंधक ने ही किया है।
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सुनील गुप्ता, एजीएम, केनरा बैंक।
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सिढ़पुरा की केनरा बैंक शाखा में चार दिन पूर्व नए प्रबंधक को घोटाले की जानकारी हुई। इस पर उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी। गड़बड़ी की आशंका पर बैंक प्रबंधन ने बैंक के उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। दो दिन का बैंक अवकाश होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी। सोमवार को बैंक खुलने पर ऑडिटरों की टीम बैंक पहुंच गई। तमाम खाताधारक भी बैंक पहुंचे। ऑडिटरों की टीम ने बैंक में रखे सोने का खाताधारकों को बुलाकर परीक्षण कराया। इस परीक्षण में कुछ खाताधारकों का गोल्ड नकली मिला। ऐसे में बैंक प्रबंधन भी में सकते में आ गया। सोमवार को कुछ खातों का ही परीक्षण हो सका। बताया जा रहा है कि अभी जांच जारी रहेगी। बैंक में गोल्ड लोन से जुड़े 160 खाते हैं। राहुल देव पर आरोप है कि बैंक का वैल्युअर होने के नाते उसे ही बैंक में गोल्ड लोन के लिए जेवरातों की गुणवत्ता की जांच करनी होती थी। जांच अधिकार का दुरुपयोग करते हुए लोगों के बैंक खातों पर गोल्ड लोन करा दिया और पैसा भी खुद ले लिया। उसने 70-75 खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी की। राहुल देव फरार है। सोमवार को पटियाली के सीओ कर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बैंक पहुंचकर बैंक प्रबंधक से घोटाले के बारे में जानकारी की तो उन्हें बताया गया कि बैंक का ऑडिट पूरा होने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सिढ़पुरा के थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। बैंक के नौ खातों में नकली जेवरात मिलने की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन बैंक जांच के बाद ही अपनी रिपोर्ट पुलिस को देगी।
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- सिढ़पुरा शाखा के सभी गोल्ड लोन खातों का ऑडिट कराया जा रहा है। ऑडिट पूरा होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऑडिट में अभी समय लगेगा। बैंक के वैल्युअर ने धोखाधड़ी की है। जांच में स्पष्ट होगा और उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने बताया कि इस गड़बड़ी का खुलासा स्वयं बैंक के प्रबंधक ने ही किया है।
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सुनील गुप्ता, एजीएम, केनरा बैंक।