{"_id":"5abd23df4f1c1bb4618b45e3","slug":"31522344927-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में मिले नए तीन एचआईवी संक्रमित रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में मिले नए तीन एचआईवी संक्रमित रोगी
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:25 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज।
जिले में एचआईवी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। क्षय रोगी खोज अभियान के साथ कराई जा रही एचआईवी संक्रमण की जांच में तीन नए रोगी सामने आए हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे रोगियों का उपचार शुरू कर दिया है।
जिले में एचआईबी संक्रमण के केस लगातार सामने आ रहे हैं। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग लगातार नए क्षय रोगियों की खोज की जा रही है। इसी अभियान में की गई जांच में कासगंज सर्किल के दो गांवों के तीन एचआईवी संक्रमण रोगी सामने आ गए। एक गांव की एक महिला और एक गांव के दो पुरुष शामिल है। जनपद में पिछले वर्षों में 60 एचआईवी संक्रमित रोगी चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें चार बच्चे भी शामिल हैं।
जनपद में है मात्र जांच की व्यवस्था
जनपद में एचआईवी संक्रमण के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। बावजूद इसके यहां इलाज की कोई व्यवस्था नहीं। सात साल पहले यहां पर आईटीसी केंद्र की स्थापना की गई। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं क्षय रोगियों के एचआईवी संक्रमण की जांच होती है। इसके अलावा जो लोग स्वेच्छा से पहुंचते हैं उनकी जांच कराई जाती है। जांच में जब एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आता है तो उसका अलीगढ़ भेजकर इलाज कराया जाता है।
विज्ञापन
पहले भी क्षय रोगियों में मिल चुका है एचआईवी संक्रमण
जनपद में क्षय रोगियों में एचआईवी संक्रमण के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पूर्व में 4 क्षय रोगियों में एचआईवी संक्रमण पाया गया था।
एड्स होने के मुख्य कारण -
- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
- संक्रमित रक्त चढ़ाने से
- संक्रमित सुई या सिरिंज के इस्तेमाल से
- एचआईवी संक्रमित मां से उसके होने वाले शिशु को
इनसे नहीं होता एड्स -
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से
- साथ खाना खाने से, अलिंगन और चुम्बन से, साथ रहने से
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के तौलिये से हाथ या मुंह पोछने से
- मच्छर के काटने से
एचआईवी/एड्स के लक्षण -
- अधिक समय तक बुखार का रहना
- स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आना
- अधिक समय तक दस्त रहना।
क्षयरोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जो तीन क्षयरोगी ङ्क्षचहित हुए हैं उनका अलीगढ़ इलाज कराने की व्यवस्था की गई है। उनके परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच कराई जाएगी-डा. रंगजी दुवे सीएमओ
विज्ञापन
जिले में एचआईवी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। क्षय रोगी खोज अभियान के साथ कराई जा रही एचआईवी संक्रमण की जांच में तीन नए रोगी सामने आए हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे रोगियों का उपचार शुरू कर दिया है।
जिले में एचआईबी संक्रमण के केस लगातार सामने आ रहे हैं। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग लगातार नए क्षय रोगियों की खोज की जा रही है। इसी अभियान में की गई जांच में कासगंज सर्किल के दो गांवों के तीन एचआईवी संक्रमण रोगी सामने आ गए। एक गांव की एक महिला और एक गांव के दो पुरुष शामिल है। जनपद में पिछले वर्षों में 60 एचआईवी संक्रमित रोगी चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें चार बच्चे भी शामिल हैं।
विज्ञापन
जनपद में है मात्र जांच की व्यवस्था
जनपद में एचआईवी संक्रमण के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। बावजूद इसके यहां इलाज की कोई व्यवस्था नहीं। सात साल पहले यहां पर आईटीसी केंद्र की स्थापना की गई। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं क्षय रोगियों के एचआईवी संक्रमण की जांच होती है। इसके अलावा जो लोग स्वेच्छा से पहुंचते हैं उनकी जांच कराई जाती है। जांच में जब एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आता है तो उसका अलीगढ़ भेजकर इलाज कराया जाता है।
विज्ञापन
पहले भी क्षय रोगियों में मिल चुका है एचआईवी संक्रमण
जनपद में क्षय रोगियों में एचआईवी संक्रमण के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पूर्व में 4 क्षय रोगियों में एचआईवी संक्रमण पाया गया था।
एड्स होने के मुख्य कारण -
- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
- संक्रमित रक्त चढ़ाने से
- संक्रमित सुई या सिरिंज के इस्तेमाल से
- एचआईवी संक्रमित मां से उसके होने वाले शिशु को
इनसे नहीं होता एड्स -
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से
- साथ खाना खाने से, अलिंगन और चुम्बन से, साथ रहने से
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के तौलिये से हाथ या मुंह पोछने से
- मच्छर के काटने से
एचआईवी/एड्स के लक्षण -
- अधिक समय तक बुखार का रहना
- स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आना
- अधिक समय तक दस्त रहना।
क्षयरोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जो तीन क्षयरोगी ङ्क्षचहित हुए हैं उनका अलीगढ़ इलाज कराने की व्यवस्था की गई है। उनके परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच कराई जाएगी-डा. रंगजी दुवे सीएमओ