{"_id":"59d7c9a14f1c1b9e678b47a1","slug":"31507314081-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खीर में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाने के बाद भागी बहू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खीर में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाने के बाद भागी बहू
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। थाना रामगढ़ क्षेत्र के करीमगंज में नवविवाहिता ने ससुरालीजनों को खीर में नींद की गोलियां डालकर खिला दीं। इसके बाद नगदी और जेवर लेकर भाग गई। तबियत बिगड़ने पर परिवारीजनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
घटनाक्रम थाना रामगढ़ क्षेत्र के करीमगंज का है। करीमगंज निवासी सोहेल का निकाह हिना से 17 सितंबर 2017 को हुआ था। परिवारीजनों कहना है गुरुवार को पहली बार हिना ने घर में खाना बनाया था। खाने में पकवान बनाने के साथ खीर बनाई।
परिजनों का आरोप है हिना ने खीर में नींद की गोलियां मिला दीं। खाना खाने के बाद सभी बेहोश हो गए। रात करीब दो बजे परिवार के सदस्यों को हल्का होश आया तो हिना घर पर नहीं थी। ढाई लाख की नगदी और जेवर गायब थे। नगमा पुत्री ताजउद्दीन, असगरी (65) पत्नी गफूर, ताहिरा पत्नी शाहिद, बीना पुत्री कमाल उद्दीन, अरमान पुत्र कमालउद्दीन को उपचार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष रामगढ़ प्रवींद्र सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं आई है। उपचार के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
विज्ञापन
घटनाक्रम थाना रामगढ़ क्षेत्र के करीमगंज का है। करीमगंज निवासी सोहेल का निकाह हिना से 17 सितंबर 2017 को हुआ था। परिवारीजनों कहना है गुरुवार को पहली बार हिना ने घर में खाना बनाया था। खाने में पकवान बनाने के साथ खीर बनाई।
विज्ञापन
परिजनों का आरोप है हिना ने खीर में नींद की गोलियां मिला दीं। खाना खाने के बाद सभी बेहोश हो गए। रात करीब दो बजे परिवार के सदस्यों को हल्का होश आया तो हिना घर पर नहीं थी। ढाई लाख की नगदी और जेवर गायब थे। नगमा पुत्री ताजउद्दीन, असगरी (65) पत्नी गफूर, ताहिरा पत्नी शाहिद, बीना पुत्री कमाल उद्दीन, अरमान पुत्र कमालउद्दीन को उपचार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष रामगढ़ प्रवींद्र सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं आई है। उपचार के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।