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पांच वर्ष बाद भी नहीं शुरू हो सका 30 शैय्या महिला अस्पताल

Wed, 17 Nov 2021 11:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:30 PM IST
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30 bed women hospital could not be started even after five years
बेवर। क्षेत्रवासियों की मांग पर सपा शासन काल में बेवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 30 शैय्या महिला अस्पताल का निर्माण कराया गया था। पांच साल में भी इसका संचालन नहीं हो सका। इसके साथ ही यहां स्टाफ की तैनाती नहीं हुई। यहां ताला लटक रहा है। वहीं देखरेख के अभाव में भवन के खिड़की दरवाजे और दीवारें जर्जर होती जा रही हैं।
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कस्बा के लोगों ने वर्ष 2007 से वर्ष 2016 तक मैटरनिटी अस्पताल बनाने की मांग के लिए आंदोलन किया था। इस पर पूर्व की सपा सरकार ने बेवर सीएचसी भवन के ऊपर 30 शैय्या महिला अस्पताल का भवन बनाने को मंजूरी दी थी। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत का यह भवन 2017 में बनकर तैयार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था। अस्पताल में जटिल प्रसव कराने के लिए आपरेशन थियेटर, लेबर रूम, इमरजेंसी, वेटिग रूम, पैथालोजी आदि के कक्ष बने हुए हैं। पेयजल और प्रसाधन की सुविधा के लिए भी निर्माण हुआ है। हस्तांतरण के बाद से इसे संचालित करने की सुधि न तो स्वास्थ्य विभाग ने ली और न ही जनप्रतिनिधि ने। ऐसे में महिला अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है। देखरेख के अभाव में भवन के खिड़की-दरवाजे टूट रहे हैं। भवन जगह-जगह से जर्जर हो गया है। अस्पताल संचालित न होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। उन्हें उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है।
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निजी अस्पताल में जाने को मजबूर हैं महिला मरीज
30 शैया अस्पताल के संचालन न होने के कारण क्षेत्र की महिला मरीजों को दिक्कतों का सामन का सामना करना पड़ रहा है। उनके सामने निजी अस्पतालों में जाने की मजबूरी है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि अस्पताल शुरू कराने के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है, परंतु इसके लिए किसी ने प्रयास नहीं किया।
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विभाग और शासन को इस संबंध में कई पत्र लिखे गए हैं। 30 शैया अस्पताल के लिए स्टाफ और डॉक्टरों के पद सृजित नहीं हो सके हैं। जैसे ही पद सृजित होकर स्टाफ और डॉक्टर मिलते हैं अस्पताल का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
डॉ. पीपी सिंह सीएमओ
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