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आगरा में आरक्षण ने बदली पूरी तस्वीर, जिला पंचायत में बदल गए समीकरण, चुनाव नहीं लड़ पाएंगे 22 वर्तमान सदस्य
Thu, 04 Mar 2021 02:08 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 04 Mar 2021 02:08 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत चुनाव में आरक्षण की अनंतिम सूची से समीकरण बदल गए हैं। 51 में से 22 सदस्य इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ये ऐसे सदस्य हैं जो 2015 में पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग व महिला सीट से चुने गए थे लेकिन इस बार इनकी सीट अनुसूचित वर्ग, पिछड़ा वर्ग व महिला पद के लिए आरक्षित है।
आगरा जिला पंचायत अध्यक्ष का पद इस बार सबके लिए खुला है। शासन ने अध्यक्ष पद अनारक्षित रखा है। 2015 चुनाव में यह पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। 15 ब्लॉक में 51 जिला पंचायत सदस्यों का वार्ड वार चुनाव होगा। 51 में अध्यक्ष समेत 20 पद अनारक्षित हैं। यहां किसी भी वर्ग का व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है। 31 पद ऐसे हैं जहां सिर्फ ओबीसी, एससी, ओबीसी महिला, एससी महिला और सिर्फ महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। 31 पदों के आरक्षण से निवर्तमान में 22 सदस्यों का चुनावी गणित धराशायी हो गया। इन्हें अपनी सीट नए आरक्षण में छोड़नी पड़ेगी।
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दूसरी बार 10 सदस्यों के पद अनारक्षित
51 वार्डों में 10 वार्डों के सदस्य दूसरी बार भी अनारक्षित वर्ग से चुने जाएंगे। इनके वार्डों में आरक्षण से बदलाव नहीं हुआ। 2015 के बाद लगातार दूसरी बार 2021 में इनके वार्ड अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
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आगरा जिला पंचायत अध्यक्ष का पद इस बार सबके लिए खुला है। शासन ने अध्यक्ष पद अनारक्षित रखा है। 2015 चुनाव में यह पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। 15 ब्लॉक में 51 जिला पंचायत सदस्यों का वार्ड वार चुनाव होगा। 51 में अध्यक्ष समेत 20 पद अनारक्षित हैं। यहां किसी भी वर्ग का व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है। 31 पद ऐसे हैं जहां सिर्फ ओबीसी, एससी, ओबीसी महिला, एससी महिला और सिर्फ महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। 31 पदों के आरक्षण से निवर्तमान में 22 सदस्यों का चुनावी गणित धराशायी हो गया। इन्हें अपनी सीट नए आरक्षण में छोड़नी पड़ेगी।
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दूसरी बार 10 सदस्यों के पद अनारक्षित
51 वार्डों में 10 वार्डों के सदस्य दूसरी बार भी अनारक्षित वर्ग से चुने जाएंगे। इनके वार्डों में आरक्षण से बदलाव नहीं हुआ। 2015 के बाद लगातार दूसरी बार 2021 में इनके वार्ड अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
आरोप: एक ही परिवार के लिए आरक्षित कर दी प्रधानी
ग्राम पंचायत खानपुर में प्रधान पद अनंतिम सूची में एससी के लिए आरक्षित होने पर गांव के लोगों ने विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि गांव में एससी वर्ग से सिर्फ एक ही परिवार है। ऐसे में प्रधानी इस परिवार के लिए आरक्षित कर दी गई है। इस परिवार में सिर्फ पांच वोटर है। गांव के रहने वाले गोविंदा, राजू, बंटू, नरेश, बच्चू सिंह, कन्हैयालाल, ल्होरे सिंह, सुम्मेर सिंह, प्रेम सिंह, देवीलाल ने तहसील में पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने इन्हें समझाया कि अगर आपत्ति है तो उसे दर्ज लिखित में देकर दर्ज कराएं। चार मार्च से आपत्ति दर्ज की जाएंगी। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम पंचायत में कुशवाह और लोधी राजपूत समाज के 1650 मतदाता हैं। संवाद
आपत्तियों की जांच करेंगे एसडीएम व सीओ
तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में आरक्षण जारी होने के बाद खामियों की जांच के लिए डीएम प्रभु एन सिंह ने एसडीएम व सीओ की टीमें बनाई हैं। ये आपत्तियों की व्यवहारिकता का मूल्यांकन करेंगी। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाएगी। ब्यूरो
झगड़ों में नामजद रहे लोगों के शस्त्र पहले जमा होंगे
पंचायत चुनाव की तैयारी में पुलिस सबसे पहले उन लोगों के शस्त्र जमा कराएगी जिनके खिलाफ झगड़े के मुकदमे हैं। इसके लिए सूची तैयार की जा रही है। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में 15 से अधिक गांवों में झगड़े हुए थे। जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि सभी को शस्त्र जमा कराने हैं। इनमें जिन लोगों को झगड़े करने का आपराधिक इतिहास है, पहले उनके शस्त्र जमा होंगे। जिन पर संगीन मुकदमे दर्ज हैं, उनके लाइसेंस की अलग से सूची बनेगी। आपराधिक प्रवृत्ति के दागी उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी। उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त होंगे। साथ ही शस्त्र अधिनियम के तहत लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण 25 मार्च तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्राम पंचायत खानपुर में प्रधान पद अनंतिम सूची में एससी के लिए आरक्षित होने पर गांव के लोगों ने विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि गांव में एससी वर्ग से सिर्फ एक ही परिवार है। ऐसे में प्रधानी इस परिवार के लिए आरक्षित कर दी गई है। इस परिवार में सिर्फ पांच वोटर है। गांव के रहने वाले गोविंदा, राजू, बंटू, नरेश, बच्चू सिंह, कन्हैयालाल, ल्होरे सिंह, सुम्मेर सिंह, प्रेम सिंह, देवीलाल ने तहसील में पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने इन्हें समझाया कि अगर आपत्ति है तो उसे दर्ज लिखित में देकर दर्ज कराएं। चार मार्च से आपत्ति दर्ज की जाएंगी। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम पंचायत में कुशवाह और लोधी राजपूत समाज के 1650 मतदाता हैं। संवाद
आपत्तियों की जांच करेंगे एसडीएम व सीओ
तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में आरक्षण जारी होने के बाद खामियों की जांच के लिए डीएम प्रभु एन सिंह ने एसडीएम व सीओ की टीमें बनाई हैं। ये आपत्तियों की व्यवहारिकता का मूल्यांकन करेंगी। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाएगी। ब्यूरो
झगड़ों में नामजद रहे लोगों के शस्त्र पहले जमा होंगे
पंचायत चुनाव की तैयारी में पुलिस सबसे पहले उन लोगों के शस्त्र जमा कराएगी जिनके खिलाफ झगड़े के मुकदमे हैं। इसके लिए सूची तैयार की जा रही है। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में 15 से अधिक गांवों में झगड़े हुए थे। जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि सभी को शस्त्र जमा कराने हैं। इनमें जिन लोगों को झगड़े करने का आपराधिक इतिहास है, पहले उनके शस्त्र जमा होंगे। जिन पर संगीन मुकदमे दर्ज हैं, उनके लाइसेंस की अलग से सूची बनेगी। आपराधिक प्रवृत्ति के दागी उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी। उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त होंगे। साथ ही शस्त्र अधिनियम के तहत लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण 25 मार्च तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
अमित किशोर बने डीवीवीएनएल के एमडी
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले बुधवार को एक तरफ शासन ने आईएएस के तबादले किए। अमित किशोर को डीएम देवरिया से एमडी डीवीवीएनएल पद पर तैनाती दी गई है। एम अरुन्मोली को एसडीएम सदर से सीडीओ फर्रुखाबाद पर पर तैनात किया है। राजेंद्र पेंसिया को सीडीओ फर्रुखाबाद से एडीए उपाध्यक्ष आगरा भेजा गया है। उधर, डीएम प्रभु एन सिंह ने भी अफसरों के तबादले किए हैं। विमल किशोर गुप्ता एसीएम द्वितीय को एसडीएम सदर तहसील बनाया है। विनोद जोशी एसीएम प्रथम को एसडीएम किरावली तहसील बनाया है। सुमित सिंह एसडीएम किरावली को एसडीएम फतेहाबाद तैनात किया है। जेपी पांडेय एसडीएम न्यायिक किरावली को एसीएम प्रथम बनाया है। अंबरीश कुमार बिंद एसडीएम न्यायिक एत्मादपुर को एसीएम द्वितीय बनाया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले बुधवार को एक तरफ शासन ने आईएएस के तबादले किए। अमित किशोर को डीएम देवरिया से एमडी डीवीवीएनएल पद पर तैनाती दी गई है। एम अरुन्मोली को एसडीएम सदर से सीडीओ फर्रुखाबाद पर पर तैनात किया है। राजेंद्र पेंसिया को सीडीओ फर्रुखाबाद से एडीए उपाध्यक्ष आगरा भेजा गया है। उधर, डीएम प्रभु एन सिंह ने भी अफसरों के तबादले किए हैं। विमल किशोर गुप्ता एसीएम द्वितीय को एसडीएम सदर तहसील बनाया है। विनोद जोशी एसीएम प्रथम को एसडीएम किरावली तहसील बनाया है। सुमित सिंह एसडीएम किरावली को एसडीएम फतेहाबाद तैनात किया है। जेपी पांडेय एसडीएम न्यायिक किरावली को एसीएम प्रथम बनाया है। अंबरीश कुमार बिंद एसडीएम न्यायिक एत्मादपुर को एसीएम द्वितीय बनाया है।