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आठ माह पूर्व ध्वस्त किया जर्जर विद्यालय, नए भवन की नहीं ली सुध
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टूंडला। प्राथमिक विद्यालय ग्वारई के जर्जर हो चुके भवन को शिक्षा विभाग ने आठ माह पूर्व ध्वस्त करा दिया। इसके बाद विभाग ने स्कूल भवन बनाने की सुध नहीं ली है।
पिछले छह माह से स्कूली बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्र के बाहर पढ़ने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड में खुले में पढ़ने के साथ ही पानी पीने के लिए भी उन्हें घर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
बच्चों की इस हालत पर अभिभावकों में रोष है। प्राथमिक विद्यालय ग्वारई में 74 छात्र-छात्राऐं पंजीकृत है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक नीतेष सक्सेना व शिक्षामित्र मनोज कुमार तैनात है।
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प्रधानाध्यापक नीतेष सक्सेना ने बताया कि विद्यालय के चार कमरे थे। दो कमरे मई माह में ध्वस्त करा दिए व दो कमरे जर्जर अवस्था में होने के कारण बंद है। तब से अब शिक्षाधिकारियों के आदेश पर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
साथ ही विद्यालय का हैंडपंप भी खराब है। बच्चे मध्याह्न भोजन के बाद पानी पीने घर जाते हैं। इस संदर्भ में बेसिक शिक्षा अधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु फोन रिसीव नहीं हुआ।
पिछले छह माह से स्कूली बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्र के बाहर पढ़ने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड में खुले में पढ़ने के साथ ही पानी पीने के लिए भी उन्हें घर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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बच्चों की इस हालत पर अभिभावकों में रोष है। प्राथमिक विद्यालय ग्वारई में 74 छात्र-छात्राऐं पंजीकृत है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक नीतेष सक्सेना व शिक्षामित्र मनोज कुमार तैनात है।
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प्रधानाध्यापक नीतेष सक्सेना ने बताया कि विद्यालय के चार कमरे थे। दो कमरे मई माह में ध्वस्त करा दिए व दो कमरे जर्जर अवस्था में होने के कारण बंद है। तब से अब शिक्षाधिकारियों के आदेश पर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
साथ ही विद्यालय का हैंडपंप भी खराब है। बच्चे मध्याह्न भोजन के बाद पानी पीने घर जाते हैं। इस संदर्भ में बेसिक शिक्षा अधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु फोन रिसीव नहीं हुआ।