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जलस्तर कम पर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बाढ़ जैसे हालात
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:49 PM IST
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जलस्तर कम पर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बाढ़ जैसे हालात
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
जिले में लगातार मीडियम फ्लड के हालात बने रहने के कारण ग्रामीण जनजीवन अस्तव्यस्त है। प्रभावित इलाके के लोग बेहद परेशान हैं। जलमग्न फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में गांव की आबादी के बीच पानी भरा होने के कारण तमाम झोपड़ियां नष्ट हो चुकीं हैं। बांधों पर लगातार गंगा के पानी का दबाव है। गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर कम हुआ है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति जस के तस है। लगातार पानी भरा रहने के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण बाढ़ से निजात का इंतजार कर रहे हैं।
गंगा में शनिवार को नरौरा से कछला की ओर 1.53 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। जबकि बिजनौर से 102 लाख लाख क्यूसेक पानी एवं हरिद्वार बैराज से 53 हजार क्यूसेक पानी का दबाव बना हुआ था। तीनों बैराजों पर पानी का दबाव कम होने के कारण जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। कछला पर गंगा का जलस्तर 163.50 के निशान पर था। वहीं सहावर पटियाली इलाके के किसौल, किलौनी और नगला ढाव में आबादी तक पानी की दस्तक हो चुकी है। गंगा की बाढ़ का प्रभाव उलाईखेड़ा, बमनपुरा, नगला खिमाई, नौली फतुआबाद सहित अन्य इलाकों में बना हुआ है। सहावर के रफातपुर इलाके में पुलिया के ऊपर बाढ़ का पानी सड़क पर होकर बह रहा है। जिससे सड़कें कटी हुईं है। कटी हुई सड़कों की अभी तक कोई मरम्मत नहीं हुई है। लोग कटी सड़क के बीच पानी से होकर गुजर रहे हैं। पटियाली के नगला हंसी, नगला जाटवान, नगला मूंता, मेहोल आदि के इलाकों में पानी भरा हुआ है। तमाम झोपड़ियां बाढ़ के पानी में अब तक नष्ट हो चुकी हैं। कई कच्ची दीवारें भी गिर गईं हैं। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि शीघ्र ही बाढ़ का पानी ग्रामीण आबादी के बीच से नहीं निकला तो ग्रामीणों को और अधिक क्षति होने का अनुमान है। ग्रामीणों और पशुओं के संक्रामक रोगों के शिकार होने की भी आशंका है।
डिस्चार्ज-
नरौरा से पानी का डिस्चार्ज 153510 क्यूसेक
बिजनौर से पानी का डिस्चार्ज 102606 क्यूसेक
हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज 53048 क्यूसेक
कछला ब्रिज गेज 163.50 के निशान पर
पिछले 5 दिनों में नरौरा का डिस्चार्ज-
13 अगस्त- 122173 क्यूसेक
14 अगस्त- 122173 क्यूसेक
15 अगस्त- 169992 क्यूसेक
16 अगस्त- 179532 क्सूसेक
17 अगस्त- 158414 क्यूसेक
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को हो रहीं दिक्कतें
कासगंज। कछला और लहरा गंगाघाट पर गंगा के उफान के चलते कांवड़ियों को गंगा स्नान और कांवड़ भरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के प्रबंध तो किए गए हैं, लेकिन कांवड़िये न तो ठीक से गंगा स्नान कर पा रहे और न ही घाट पर पूजा अर्चना ढंग से कर पा रहे हैं
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- जनपद में गंगा में मीडियम फ्लड के हालात बरकरार हैं। शनिवार को गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी आई है। रविवार को जलस्तर में और कमी आने का अनुमान है। सिंचाई विभाग पूरी सक्रियता से बांधों की देखभाल कर रहा है। अभी तक जिले में कोई बांध नहीं कटा है- एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी
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जिले में लगातार मीडियम फ्लड के हालात बने रहने के कारण ग्रामीण जनजीवन अस्तव्यस्त है। प्रभावित इलाके के लोग बेहद परेशान हैं। जलमग्न फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में गांव की आबादी के बीच पानी भरा होने के कारण तमाम झोपड़ियां नष्ट हो चुकीं हैं। बांधों पर लगातार गंगा के पानी का दबाव है। गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर कम हुआ है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति जस के तस है। लगातार पानी भरा रहने के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण बाढ़ से निजात का इंतजार कर रहे हैं।
गंगा में शनिवार को नरौरा से कछला की ओर 1.53 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। जबकि बिजनौर से 102 लाख लाख क्यूसेक पानी एवं हरिद्वार बैराज से 53 हजार क्यूसेक पानी का दबाव बना हुआ था। तीनों बैराजों पर पानी का दबाव कम होने के कारण जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। कछला पर गंगा का जलस्तर 163.50 के निशान पर था। वहीं सहावर पटियाली इलाके के किसौल, किलौनी और नगला ढाव में आबादी तक पानी की दस्तक हो चुकी है। गंगा की बाढ़ का प्रभाव उलाईखेड़ा, बमनपुरा, नगला खिमाई, नौली फतुआबाद सहित अन्य इलाकों में बना हुआ है। सहावर के रफातपुर इलाके में पुलिया के ऊपर बाढ़ का पानी सड़क पर होकर बह रहा है। जिससे सड़कें कटी हुईं है। कटी हुई सड़कों की अभी तक कोई मरम्मत नहीं हुई है। लोग कटी सड़क के बीच पानी से होकर गुजर रहे हैं। पटियाली के नगला हंसी, नगला जाटवान, नगला मूंता, मेहोल आदि के इलाकों में पानी भरा हुआ है। तमाम झोपड़ियां बाढ़ के पानी में अब तक नष्ट हो चुकी हैं। कई कच्ची दीवारें भी गिर गईं हैं। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि शीघ्र ही बाढ़ का पानी ग्रामीण आबादी के बीच से नहीं निकला तो ग्रामीणों को और अधिक क्षति होने का अनुमान है। ग्रामीणों और पशुओं के संक्रामक रोगों के शिकार होने की भी आशंका है।
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डिस्चार्ज-
नरौरा से पानी का डिस्चार्ज 153510 क्यूसेक
बिजनौर से पानी का डिस्चार्ज 102606 क्यूसेक
हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज 53048 क्यूसेक
कछला ब्रिज गेज 163.50 के निशान पर
पिछले 5 दिनों में नरौरा का डिस्चार्ज-
13 अगस्त- 122173 क्यूसेक
14 अगस्त- 122173 क्यूसेक
15 अगस्त- 169992 क्यूसेक
16 अगस्त- 179532 क्सूसेक
17 अगस्त- 158414 क्यूसेक
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को हो रहीं दिक्कतें
कासगंज। कछला और लहरा गंगाघाट पर गंगा के उफान के चलते कांवड़ियों को गंगा स्नान और कांवड़ भरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के प्रबंध तो किए गए हैं, लेकिन कांवड़िये न तो ठीक से गंगा स्नान कर पा रहे और न ही घाट पर पूजा अर्चना ढंग से कर पा रहे हैं
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- जनपद में गंगा में मीडियम फ्लड के हालात बरकरार हैं। शनिवार को गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी आई है। रविवार को जलस्तर में और कमी आने का अनुमान है। सिंचाई विभाग पूरी सक्रियता से बांधों की देखभाल कर रहा है। अभी तक जिले में कोई बांध नहीं कटा है- एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी