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20 हजार छात्र-छात्राओं को नहीं मिली ड्रेस की धनराशि
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मैनपुरी। बीते शिक्षा सत्र में परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत 20 हजार छात्र-छात्राओं को ड्रेस और जूते-मोजे खरीदने के लिए धनराशि नहीं मिल सकी है। छह माह तक शिक्षक और अभिभावक बच्चों के खातों में दर्ज आधारकार्ड में संशोधन नहीं करा पाये।
शिक्षा सत्र 2021-22 में परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत 1.65 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ड्रेस, जूते, मोजे और स्वेटर के लिए 1100-1100 रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। जिले में अक्तूबर 2021 से मार्च 2022 तक विशेष अभियान चलाकर खातों में आई त्रुटि को सुधारने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई। शिक्षक और अभिभावक छह माह तक चले अभियान के बाद भी खाते में आई त्रुटि को ठीक नहीं करा सके। इसके चलते जिले के 1.45 लाख छात्र-छात्राओं को तो योजना का लाभ मिल गया लेकिन 20 हजार वंचित रह गए। बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि अभिभावक सही खाता उपलब्ध नहीं करा सके। इससे पिछले सत्र में 20 हजार छात्र-छात्राओं के खातों में धनराशि नहीं पहुंच सकी। खाता संशोधन का कार्य प्रगति पर है। जल्द धनराशि भेज दी जाएगी।
बिना ड्रेस के पहुंच रहे स्कूल
जिन छात्र-छात्राओं को पिछले सत्र में धनराशि नहीं मिल सकी उनके पास ड्रेस नहीं है। ऐस में वे बिना ड्रेस के ही स्कूल आ रहे हैं। शासन का आदेश है कि कोई भी बच्चा बिना ड्रेस के स्कूल नहीं आना चाहिए।
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आधार नामांकन का तेज
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के आधार नामांकन का कार्य तेज कर दिय गया है। जिन छात्रों के पास आधार नहीं है उनका आधार बनाने का कार्य बीआरसी केंद्रों पर किया जा रहा है।
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शिक्षा सत्र 2021-22 में परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत 1.65 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ड्रेस, जूते, मोजे और स्वेटर के लिए 1100-1100 रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। जिले में अक्तूबर 2021 से मार्च 2022 तक विशेष अभियान चलाकर खातों में आई त्रुटि को सुधारने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई। शिक्षक और अभिभावक छह माह तक चले अभियान के बाद भी खाते में आई त्रुटि को ठीक नहीं करा सके। इसके चलते जिले के 1.45 लाख छात्र-छात्राओं को तो योजना का लाभ मिल गया लेकिन 20 हजार वंचित रह गए। बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि अभिभावक सही खाता उपलब्ध नहीं करा सके। इससे पिछले सत्र में 20 हजार छात्र-छात्राओं के खातों में धनराशि नहीं पहुंच सकी। खाता संशोधन का कार्य प्रगति पर है। जल्द धनराशि भेज दी जाएगी।
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बिना ड्रेस के पहुंच रहे स्कूल
जिन छात्र-छात्राओं को पिछले सत्र में धनराशि नहीं मिल सकी उनके पास ड्रेस नहीं है। ऐस में वे बिना ड्रेस के ही स्कूल आ रहे हैं। शासन का आदेश है कि कोई भी बच्चा बिना ड्रेस के स्कूल नहीं आना चाहिए।
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परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के आधार नामांकन का कार्य तेज कर दिय गया है। जिन छात्रों के पास आधार नहीं है उनका आधार बनाने का कार्य बीआरसी केंद्रों पर किया जा रहा है।