Mainpuri: सर्दी में बढ़ी हृदय रोग के मरीजों की संख्या, सात दिन में 20 की मौत, पांच साल से नहीं है डॉक्टर
बिछवां थाना क्षेत्र के सुन्नामई गांव निवासी रामसनेही की 60 वर्षीय पत्नी ब्रजरानी को बुधवार की दोपहर हार्ट अटैक पड़ा। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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जिला अस्पताल में पांच साल से हृदय रोग के इलाज के लिए डॉक्टर नहीं है। इससे मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण हृदय की बीमारियों से पीड़ित मरीजों की मौत हो रही है। पिछले सात दिनों में हृदय संबंधी बीमारियों के 20 मरीजों की मौत हो चुकी है। सामान्यतः चेस्ट फिजिशियन से काम चलाया जा रहा है। हृदय के गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
एक साल पहले एक डॉक्टर को यहां भेजा गया था, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। जिला अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड पर यदि नजर डालें तो पता चलता है कि यहां पिछले एक सप्ताह में हार्ट के 55 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें से पांच की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि 50 मरीजों को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। वहीं 15 मरीजों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई।
ईसीजी से लेकर हृदय रोगों की सभी जांचों की व्यवस्था है
बिछवां थाना क्षेत्र के सुन्नामई गांव निवासी रामसनेही की 60 वर्षीय पत्नी ब्रजरानी को बुधवार की दोपहर हार्ट अटैक पड़ा। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में हृदय रोग विभाग अलग से संचालित है। इसमें ईसीजी से लेकर हृदय रोगों की सभी जांचों की व्यवस्था है। ईसीजी से लेकर सीटी स्कैन मशीन भी है, लेकिन जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण सारी व्यवस्थाएं फेल हैं।
70 से 80 मरीजों की प्रतिदिन हो रही जांच
जिला अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार जिला अस्पताल में प्रतिदिन उच्च और निम्र रक्तचाप से पीड़ित 70 से 80 मरीजों की जांच कराई जा रही है। इनमें से 60 से 70 मरीज हार्ट की समस्याओं से पीड़ित पाए जा रहे हैं। उन्हें बेहतर उपचार के लिए आगरा या सैफई में उपचार कराने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि हार्ट के मरीज इन बातों पर विशेष ध्यान दें-
- अधिक ठंडे माहौल में जाने से बचें।
- बाहर निकलें तो अच्छी तरह से ऊनी वस्त्र पहनकर निकलें।
- अधिक वसा युक्त चीजें खाना और सिगरेट, शराब आदि का सेवन न करें।
- सुबह-शाम 3-4 किमी सैर जरूर करें। इसके कई फायदे हैं।
- नमक का सेवन कम करें।
- मक्खन व घी का प्रयोग भी सीमित मात्रा में करें।
- तनाव लेने से बचें।
- गुनगुनी धूप का आनंद लें लेकिन सिर को अधिक तपने न दें।
- अधिक ठंड बढ़ने पर ताप सेंके मगर कुछ दूरी से।