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गणतंत्र दिवस पर बिना साउंड के गूंजेगा जन-गण-मन
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:37 PM IST
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फिरोजाबाद। गणतंत्र दिवस के मौके पर जन-गण-मन बिना साउंड सिस्टम के गाया जाएगा। फिरोजाबाद साउंड एसोसिएशन ने इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में साउंड सिस्टम नहीं ही लगाने का फैसला लिया है। उन्होंने इसकी वजह हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद पुलिस के द्वारा किया जा रहा उत्पीड़न बताया है।
फिरोजाबाद साउंड एसोसिएशन की गांधीपार्क में अध्यक्ष हारुन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। उच्च न्यायालय के आदेश को देखते हुए साउंड सिस्टम संचालित करने वालों ने अपनी-अपनी समस्याओं को रखा। उन्होंने कहा कि गुमशुदा बच्चों की लाउडस्पीकर से तलाश के दौरान पुलिस ने उनसे अनुमति पत्र मांगा। रुपये मांगे गए। कई बैंडबाजा वालों को घर लौटते रोका गया और उन्हें परेशान किया। उनसे अनुमतिपत्र मांगने के साथ ही रुपयों की डिमांड की।
उस वक्त बैंडबाजे नहीं बजाए जा रहे थे। इसी तरह की घटना का शिकार एक डीजे संचालक को होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी एसोसिएशन की मांग है कि वह अनुमति लेने के लिए चार-चार स्थानों पर दौड़ नहीं लगा सकते हैं। जिला प्रशासन को चाहिए कि वह शीघ्र ही एकल खिड़की की व्यवस्था कराए। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने कौन सा ऐसा गुनाह किया है कि बिना अनुमति के साउंड बजाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना व पांच साल की सजा काटनी होगी।
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एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि 26 जनवरी को किसी भी सरकारी व गैर सरकारी कार्यक्रम में साउंड सिस्टम को नहीं लगाएंगे। हारुन भाई, सचिव दीपक जैन, दिनेशचंद्र, सागर भाई, हृदेश कुमार, सुनील कुलश्रेष्ठ, प्रमोद तिवारी, दुष्यंत तिवारी, नीरज, राजू, संजय, टिंकू सहित काफी लोग शामिल थे।
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फिरोजाबाद साउंड एसोसिएशन की गांधीपार्क में अध्यक्ष हारुन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। उच्च न्यायालय के आदेश को देखते हुए साउंड सिस्टम संचालित करने वालों ने अपनी-अपनी समस्याओं को रखा। उन्होंने कहा कि गुमशुदा बच्चों की लाउडस्पीकर से तलाश के दौरान पुलिस ने उनसे अनुमति पत्र मांगा। रुपये मांगे गए। कई बैंडबाजा वालों को घर लौटते रोका गया और उन्हें परेशान किया। उनसे अनुमतिपत्र मांगने के साथ ही रुपयों की डिमांड की।
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उस वक्त बैंडबाजे नहीं बजाए जा रहे थे। इसी तरह की घटना का शिकार एक डीजे संचालक को होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी एसोसिएशन की मांग है कि वह अनुमति लेने के लिए चार-चार स्थानों पर दौड़ नहीं लगा सकते हैं। जिला प्रशासन को चाहिए कि वह शीघ्र ही एकल खिड़की की व्यवस्था कराए। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने कौन सा ऐसा गुनाह किया है कि बिना अनुमति के साउंड बजाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना व पांच साल की सजा काटनी होगी।
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एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि 26 जनवरी को किसी भी सरकारी व गैर सरकारी कार्यक्रम में साउंड सिस्टम को नहीं लगाएंगे। हारुन भाई, सचिव दीपक जैन, दिनेशचंद्र, सागर भाई, हृदेश कुमार, सुनील कुलश्रेष्ठ, प्रमोद तिवारी, दुष्यंत तिवारी, नीरज, राजू, संजय, टिंकू सहित काफी लोग शामिल थे।