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श्रावस्ती मॉडल से निपटाएंगे भूमि के विवाद
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:47 PM IST
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नो मेंस लैंड पर लगी फसल।
- फोटो : amar ujala
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एटा।
भूमि विवादों के निस्तारण के लिए अब जिले में श्रावस्ती मॉडल लागू किया जाएगा। मॉडल की तर्ज पर भूमि विवादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए एक जनवरी से 31 मार्च तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें थाना स्तर पर पुलिस और राजस्व विभाग की सदस्यीय टीम सप्ताह में दो दिन चिन्हित गांवों में जाकर मौके पर भूमि विवाद की जांच और निस्तारण करेगी।
भूमि विवादों के निपटारे के लिए शासन ने पिछले दिनों श्रावस्ती में प्रशासन के चलाए अभियान की सराहना की थी। अब इस अभियान को मॉडल बनाकर पूरे प्रदेश में चलाने के लिए मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत एक जनवरी से 31 मार्च तक हर जिले में विशेष अभियान चलेगा। जिसके लिए थाना स्तर पर पुलिस और राजस्व विभाग की दस सदस्यीय दो टीमों का गठन किया जाएगा। जिनमें तहसीलदार, नायाब तहसीलदार समेत पांच राजस्व कर्मी समेत एसओ, एसएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी रहेंगे। तहसील की ओर से पहले उन गांवों में भूमि विवादों का निपटारा होगा, जहां से शिकायतें सबसे अधिक रहती हैं। सप्ताह में दो दिन ऊपर से नीचे के क्रम में टीमें संबंधित गांव में जाएंगी। इस दौरान पहले पक्षकारों की मौजूदगी में पहले बातचीत के जरिए शिकायत का निस्तारण कराने की कोशिश की जाएगी। समाधान नहीं निकलने पर विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। डीएम अमित किशोर ने इस संबंध में सभी एसडीएम को निर्देश जारी करते हुए पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित करने के लिए कहा है।
मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि संपूर्ण समाधान दिवस समेत अन्य जरिए से मिलन वाली शिकायतों के आधार पर गांव में अभियान चलाया जाएगा। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि इस दौरान अगर गांव में कोई नया विवाद भी सामने आएगा, तो उसका भी समाधान कराया जाएगा। समाधान होने के बाद शिकायत और समाधान का डाटा आईजीआरएस में दर्ज कराया जाएगा।
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अफसर भी संभालेंगे मोर्चा
चिन्हित गांव में की जा रही कार्रवाई अफसरों की जानकारी में रहेगी। जरूरत पड़ने पर अलग से फोर्स और अफसरों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन डीएम और एसएसपी संयुक्त रूप से एक और एडीएम और एएसपी दो गांव का निरीक्षण करेंगे। वहीं एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को अभियान के दौरान गांव का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
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भूमि विवादों के निस्तारण के लिए अब जिले में श्रावस्ती मॉडल लागू किया जाएगा। मॉडल की तर्ज पर भूमि विवादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए एक जनवरी से 31 मार्च तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें थाना स्तर पर पुलिस और राजस्व विभाग की सदस्यीय टीम सप्ताह में दो दिन चिन्हित गांवों में जाकर मौके पर भूमि विवाद की जांच और निस्तारण करेगी।
भूमि विवादों के निपटारे के लिए शासन ने पिछले दिनों श्रावस्ती में प्रशासन के चलाए अभियान की सराहना की थी। अब इस अभियान को मॉडल बनाकर पूरे प्रदेश में चलाने के लिए मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत एक जनवरी से 31 मार्च तक हर जिले में विशेष अभियान चलेगा। जिसके लिए थाना स्तर पर पुलिस और राजस्व विभाग की दस सदस्यीय दो टीमों का गठन किया जाएगा। जिनमें तहसीलदार, नायाब तहसीलदार समेत पांच राजस्व कर्मी समेत एसओ, एसएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी रहेंगे। तहसील की ओर से पहले उन गांवों में भूमि विवादों का निपटारा होगा, जहां से शिकायतें सबसे अधिक रहती हैं। सप्ताह में दो दिन ऊपर से नीचे के क्रम में टीमें संबंधित गांव में जाएंगी। इस दौरान पहले पक्षकारों की मौजूदगी में पहले बातचीत के जरिए शिकायत का निस्तारण कराने की कोशिश की जाएगी। समाधान नहीं निकलने पर विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। डीएम अमित किशोर ने इस संबंध में सभी एसडीएम को निर्देश जारी करते हुए पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित करने के लिए कहा है।
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मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि संपूर्ण समाधान दिवस समेत अन्य जरिए से मिलन वाली शिकायतों के आधार पर गांव में अभियान चलाया जाएगा। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि इस दौरान अगर गांव में कोई नया विवाद भी सामने आएगा, तो उसका भी समाधान कराया जाएगा। समाधान होने के बाद शिकायत और समाधान का डाटा आईजीआरएस में दर्ज कराया जाएगा।
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अफसर भी संभालेंगे मोर्चा
चिन्हित गांव में की जा रही कार्रवाई अफसरों की जानकारी में रहेगी। जरूरत पड़ने पर अलग से फोर्स और अफसरों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन डीएम और एसएसपी संयुक्त रूप से एक और एडीएम और एएसपी दो गांव का निरीक्षण करेंगे। वहीं एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को अभियान के दौरान गांव का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।