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नुकसान की भरपाई तो दूर अभी सर्वे तक नहीं हुआ
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:46 PM IST
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फिरोजाबाद। आंधी-तूफान और बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुक्रवार तक शुरू नहीं हो सका। किसान दिवस में पहुंचे किसानों ने यह शिकायत डीएम के सामने रखी। डीएम नेहा शर्मा ने इस लापरवाही पर कृषि विभाग और बीमा कंपनी को आडे़ हाथों लेते हुए बैठक से ही सर्वे करने को भेज दिया। डीएम ने किसान दिवस में ही तुरंत टीमों का गठन किया और प्रभावित गांवों में सर्वे करने को टीमें को दौड़ा दिया। जिले के 91 गांवों में आंधी-तूफान से सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम के सामने किसानों ने आंधी और बारिश से हुए फसलों की बर्बादी का सर्वे न होने की शिकायत रखी। किसानों की शिकायत पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारियों को बैठक के तुरंत बाद क्षेत्र में जाकर फसलीय नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए। डीएम ने बीमा कंपनी और कृषि विभाग के अफसरों को हर हाल में जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
जिलाधिकारी ने किसान दिवस में मौजूद सभी एसडीएम से भी उनके क्षेत्रानुसार जनहानि, पशु हानि एवं अन्य नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर तीन दिन के भीतर उनके समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने सभी एसडीएम को सहायता योग्य किसानों के आधार कार्ड एवं बैंक एकाउंट आदि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
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फिरोजाबाद। नुकसान का आंकलन करने में लेटलतीफी पर डीएम ने सख्त रुख अख्तियार कर मौके पर ही टीमें गठित कर दीं। डीएम ने पांच तहसीलों के लिए पांच टीमें गठित कीं। टीमें सर्वाधिक फसलीय और पशु हानि वाले 91 ग्रामों का दौरा करेंगी। जिनमें संबंधित एसडीएम के अतिरिक्त फिरोजाबाद में डीडी कृषि, टूंडला में उप परियोजना अधिकारी, शिकोहाबाद में जिला कृषि अधिकारी, सिरसागंज में एबीएसए व जसराना में बीएसए को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सभी टीमों में न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है।
शुक्रवार को किसान दिवस में पहुंचे पन्नालाल पुत्र लज्जाराम निवासी पहाड़पुर फिरोजाबाद के अनुसार उनकी दस बीघा गेहूं की फसल आंधी एवं बारिश की भेंट चढ़ गई। पन्नालाल की शिकायत थी कि फसलीय और पशुधन का नुकसान होने के दो दिन बाद भी कोई भी अधिकारी अथवा सर्वे टीम मौके पर नहीं पहुंची। पन्नालाल के अनुसार आंधी-तूफान के बाद गांव में बिजली नहीं है। पशुओं को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जगह-जगह टूटे पडे़ बिजली के तार और पेड़ किसानों के लिए मुसीबत से कम नहीं हैं।
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शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम के सामने किसानों ने आंधी और बारिश से हुए फसलों की बर्बादी का सर्वे न होने की शिकायत रखी। किसानों की शिकायत पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारियों को बैठक के तुरंत बाद क्षेत्र में जाकर फसलीय नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए। डीएम ने बीमा कंपनी और कृषि विभाग के अफसरों को हर हाल में जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
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जिलाधिकारी ने किसान दिवस में मौजूद सभी एसडीएम से भी उनके क्षेत्रानुसार जनहानि, पशु हानि एवं अन्य नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर तीन दिन के भीतर उनके समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने सभी एसडीएम को सहायता योग्य किसानों के आधार कार्ड एवं बैंक एकाउंट आदि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
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फिरोजाबाद। नुकसान का आंकलन करने में लेटलतीफी पर डीएम ने सख्त रुख अख्तियार कर मौके पर ही टीमें गठित कर दीं। डीएम ने पांच तहसीलों के लिए पांच टीमें गठित कीं। टीमें सर्वाधिक फसलीय और पशु हानि वाले 91 ग्रामों का दौरा करेंगी। जिनमें संबंधित एसडीएम के अतिरिक्त फिरोजाबाद में डीडी कृषि, टूंडला में उप परियोजना अधिकारी, शिकोहाबाद में जिला कृषि अधिकारी, सिरसागंज में एबीएसए व जसराना में बीएसए को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सभी टीमों में न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है।
शुक्रवार को किसान दिवस में पहुंचे पन्नालाल पुत्र लज्जाराम निवासी पहाड़पुर फिरोजाबाद के अनुसार उनकी दस बीघा गेहूं की फसल आंधी एवं बारिश की भेंट चढ़ गई। पन्नालाल की शिकायत थी कि फसलीय और पशुधन का नुकसान होने के दो दिन बाद भी कोई भी अधिकारी अथवा सर्वे टीम मौके पर नहीं पहुंची। पन्नालाल के अनुसार आंधी-तूफान के बाद गांव में बिजली नहीं है। पशुओं को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जगह-जगह टूटे पडे़ बिजली के तार और पेड़ किसानों के लिए मुसीबत से कम नहीं हैं।