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पांच वर्ष तक स्कूलों की मान्यता पर रोक
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:43 PM IST
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आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता लेने की कतार में खड़े स्कूल संचालकों को बड़ा झटका लगा है। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में घट रहे नामांकन को देखते हुए नए स्कूलाें की मान्यता पर रोक लगा दी गई है।
पांच वर्ष तक किसी स्कूल को मान्यता नहीं दी जाएगी। जिले में सौ से अधिक स्कूलों की मान्यता के लिए बीएसए कार्यालय में आवेदन किया गया है।
अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसमें उच्च न्यायालय में पारित आदेश के अनुपालन में प्राथमिक शिक्षा के मान्यता प्राप्त सहायिक विद्यालयों के संबंध में विगत वर्षों की नीति का पुनरावलोकन किए जाने की बात कही गई है।
तय किया गया है कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जो विद्यालय स्थापित हैं, उन्हें आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और विकसित किया जाना जरूरी है। विद्यालयाें में शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए राज्य सरकार गंभीर है। इसी कड़ी में शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है।
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वर्तमान परिस्थिति में नए प्राथमिक विद्यालय को मान्यता स्थापित किया जाना और अनुदानित किया जाना उपयुक्त नहीं पाया गया है। पांच वर्ष बाद स्थिति के अनुरूप जरूरी होने पर नए विद्यालयों को मान्यता प्रदान की जाएगी। एडी बेसिक गिरजेश चौधरी का कहना है कि शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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पांच वर्ष तक किसी स्कूल को मान्यता नहीं दी जाएगी। जिले में सौ से अधिक स्कूलों की मान्यता के लिए बीएसए कार्यालय में आवेदन किया गया है।
अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसमें उच्च न्यायालय में पारित आदेश के अनुपालन में प्राथमिक शिक्षा के मान्यता प्राप्त सहायिक विद्यालयों के संबंध में विगत वर्षों की नीति का पुनरावलोकन किए जाने की बात कही गई है।
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तय किया गया है कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जो विद्यालय स्थापित हैं, उन्हें आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और विकसित किया जाना जरूरी है। विद्यालयाें में शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए राज्य सरकार गंभीर है। इसी कड़ी में शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है।
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वर्तमान परिस्थिति में नए प्राथमिक विद्यालय को मान्यता स्थापित किया जाना और अनुदानित किया जाना उपयुक्त नहीं पाया गया है। पांच वर्ष बाद स्थिति के अनुरूप जरूरी होने पर नए विद्यालयों को मान्यता प्रदान की जाएगी। एडी बेसिक गिरजेश चौधरी का कहना है कि शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।