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जिला जेल में निरुद्ध हैं क्षमता से दो गुने बंदी
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:00 PM IST
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जिला कारागार
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर अभी जिले में नजर नहीं आ रहा है। जिला कारागार में क्षमता से दो गुना बंदी निरुद्ध हैं। इससे बंदियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जेल में क्षमता से अधिक बंदियों की संख्या होने के कारण अव्यवस्थाओं का आलम है। वर्तमान में जिला जेल में 498 बंदी क्षमता है, जबकि 983 बंदी निरुद्ध हैं।
देशभर की जेलों में निर्धारित कैदियों की क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध होने पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकारों को फटकार लगाई है। अफसरों से कैदियों की संख्या से निपटने के लिए योजना का मसौदा पेश करने को कहा है। जिला कारागार में क्षमता से अधिक बंदियों की संख्या लंबे समय से चली आ रही है। इसी कड़ी में जिला कारागार में 10 नई बैरकों का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद जेल में तीन सौ बंदियों की क्षमता और बढ़ जाएगी। हालांकि निर्माण कार्य में अभी चार से पांच माह का समय लगने की संभावना है।
देशभर की जेलों में निर्धारित कैदियों की क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध होने पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकारों को फटकार लगाई है। अफसरों से कैदियों की संख्या से निपटने के लिए योजना का मसौदा पेश करने को कहा है। जिला कारागार में क्षमता से अधिक बंदियों की संख्या लंबे समय से चली आ रही है। इसी कड़ी में जिला कारागार में 10 नई बैरकों का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद जेल में तीन सौ बंदियों की क्षमता और बढ़ जाएगी। हालांकि निर्माण कार्य में अभी चार से पांच माह का समय लगने की संभावना है।
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