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सुप्रीम कोर्ट में उठाएंगे खादर के पीड़ितों की आवाज
Updated Sat, 16 Sep 2017 08:03 PM IST
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yamuna
- फोटो : demo
वृंदावन (यमुना)। यमुना खादर में ध्वस्तीकरण अभियान को रोकने की मांग को लेकर संतों और स्थानीय लोग संगठित हो रहे हैं। शनिवार को पानीघाट स्थित किशोरीकुंज में हुई बैठक में संतों और स्थानीय लोगों ने ध्वस्तीकरण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया वहीं जनप्रतिनिधियों से इस मामले में पीड़ितों की मदद करने की गुहार लगाई गई।
बैठक में रालोद के महानगर अध्यक्ष ताराचंद्र गोस्वामी ने कहा कि पिछले दिनों यमुना खादर में ध्वस्तीकरण से प्रभावित हुए लोगों के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए सहयोग करें। उन्होंने बताया कि निर्धन लोगों के पुर्नवास की व्यवस्था की जाए। संत केशवदास ने कहा कि अधिकारियों को लोगों की जनभावना के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए। हजारों लोग खादर में बसे हैं, अगर उनके मकान ध्वस्त किए जाते हैं तो वे कहां जाएंगे। तय हुआ कि पीड़ितों की आवाज को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। बैठक में लाड़लीदास, मनमोहन शास्त्री, साध्वी लक्ष्मीप्रिया पुरी, भगवताचार्य नंदकिशोर शास्त्री, रामदेव शास्त्री, महंत परमेश्वरदास त्यागी, स्वामी सत्यानंद, स्वामी रामानंद, स्वामी बालकानंद, बालकदास, मुन्ना शुक्ला, केशव निषाद, बादाम सिंह, विनोद और अरुणदास मौजूद थे।
उधर, पंडित रमेश पुजारी ने बताया कि खादर के लोगाें की मांग को लेकर शुक्रवार को संतों के साथ वे भी दिल्ली गए जहां प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात का प्रयास किया लेकिन मुलाकात संभव न हुई।
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बैठक में रालोद के महानगर अध्यक्ष ताराचंद्र गोस्वामी ने कहा कि पिछले दिनों यमुना खादर में ध्वस्तीकरण से प्रभावित हुए लोगों के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए सहयोग करें। उन्होंने बताया कि निर्धन लोगों के पुर्नवास की व्यवस्था की जाए। संत केशवदास ने कहा कि अधिकारियों को लोगों की जनभावना के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए। हजारों लोग खादर में बसे हैं, अगर उनके मकान ध्वस्त किए जाते हैं तो वे कहां जाएंगे। तय हुआ कि पीड़ितों की आवाज को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। बैठक में लाड़लीदास, मनमोहन शास्त्री, साध्वी लक्ष्मीप्रिया पुरी, भगवताचार्य नंदकिशोर शास्त्री, रामदेव शास्त्री, महंत परमेश्वरदास त्यागी, स्वामी सत्यानंद, स्वामी रामानंद, स्वामी बालकानंद, बालकदास, मुन्ना शुक्ला, केशव निषाद, बादाम सिंह, विनोद और अरुणदास मौजूद थे।
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उधर, पंडित रमेश पुजारी ने बताया कि खादर के लोगाें की मांग को लेकर शुक्रवार को संतों के साथ वे भी दिल्ली गए जहां प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात का प्रयास किया लेकिन मुलाकात संभव न हुई।
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