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Agra: 163 साल पुराने क्लॉक टावर का छज्जा भरभराकर गिरा, कलेक्ट्रेट में मची भगदड़; दो मजदूर घायल
Thu, 02 Jul 2026 09:05 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 02 Jul 2026 09:05 AM IST
सार
आगरा कलेक्ट्रेट में 163 साल पुराने क्लॉक टावर का छज्जा रंगाई-पुताई के दौरान अचानक गिर गया। हादसे में दो मजदूर घायल हो गए, जबकि नीचे मौजूद फरियादियों में भगदड़ मच गई और बड़ा हादसा टल गया।
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क्लॉक टावर का छज्जा भरभराकर गिरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा जिलाधिकारी कार्यालय स्थित क्लॉक टावर का छज्जा गिरने से बुधवार को दो मजदूर चोटिल हो गए। टावर पर रंगाई-पुताई चल रही थी। सुबह करीब 11:30 बजे हादसा हुआ। दर्जनभर से अधिक फरियादी उस समय टावर के नीचे खड़े थे। गनीमत रही कोई जनहानि नहीं हुई।
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कलेक्ट्रेट स्थित क्लॉक टावर का निर्माण 1862 में हुआ था। इससे पहले कलेक्ट्रेट किराए के भवन में चलता था। कलेक्ट्रेट के निर्माण के दौरान ही क्लॉक टावर लगाया गया। इस टावर पर पेंडुलम घड़ी थी। 2017-18 में यह घड़ी खराब हो गई। जिसके बाद एसबीआई ने दूसरी घड़ियां लगाईं। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे रस्सियों के सहारे मजदूर टावर पर चढ़कर रंगाई-पुताई किया जा रहा था। तभी एक मजदूर रस्सी के सहारे नीचे उतारा। उसके उतरते ही भरभराकर छज्जा गिर गया। करीब 70 फीट ऊंचे टावर से मलबा गिरने से नीचे खड़े फरियादियों में भगदड़ मच गई। नीचे खड़े दो मजदूर मलबा की चपेट में आकर चोटिल हुए हैं।
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जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि टावर का छज्जा कमजोर था। इसलिए पूरे छज्जे को हटाया जाएगा ताकि भविष्य में दोबारा कोई दुर्घटना न हो। एडीएम प्रोटोकॉल ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने टावर की मरम्मत और रंगाई-पुताई कार्य में सतर्कता बढ़ाने और क्षतिग्रस्त हिस्से को गिराने के निर्देश दिए हैं।
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कलेक्ट्रेट स्थित क्लॉक टावर का निर्माण 1862 में हुआ था। इससे पहले कलेक्ट्रेट किराए के भवन में चलता था। कलेक्ट्रेट के निर्माण के दौरान ही क्लॉक टावर लगाया गया। इस टावर पर पेंडुलम घड़ी थी। 2017-18 में यह घड़ी खराब हो गई। जिसके बाद एसबीआई ने दूसरी घड़ियां लगाईं। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे रस्सियों के सहारे मजदूर टावर पर चढ़कर रंगाई-पुताई किया जा रहा था। तभी एक मजदूर रस्सी के सहारे नीचे उतारा। उसके उतरते ही भरभराकर छज्जा गिर गया। करीब 70 फीट ऊंचे टावर से मलबा गिरने से नीचे खड़े फरियादियों में भगदड़ मच गई। नीचे खड़े दो मजदूर मलबा की चपेट में आकर चोटिल हुए हैं।
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जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि टावर का छज्जा कमजोर था। इसलिए पूरे छज्जे को हटाया जाएगा ताकि भविष्य में दोबारा कोई दुर्घटना न हो। एडीएम प्रोटोकॉल ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने टावर की मरम्मत और रंगाई-पुताई कार्य में सतर्कता बढ़ाने और क्षतिग्रस्त हिस्से को गिराने के निर्देश दिए हैं।
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