{"_id":"5bc76d65bdec226939027a32","slug":"161539796325-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिलेख नहीं दे रहा ग्राम पंचायत सचिव, जांच अटकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिलेख नहीं दे रहा ग्राम पंचायत सचिव, जांच अटकी
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:49 PM IST
विज्ञापन
विवेक कुमार राय से पकड़े गए कागजात
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर हुई गड़बड़ में प्रधान और सचिव मनमानी पर आमादा हैं। ग्राम पंचायत सचिव की मनमानी से जांच डेढ़ साल सें लंबित पड़ी है। आलम यह है कि डीएम, सीडीओ से लेकर डीपीआरओ तक सबके आदेशों को ग्राम पंचायत सचिव ने ठेंगा दिखा दिया है।
दरअसल, शीतलपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत ककरावली में वर्ष 2005 से 2010 और 2010 से 2015 में हुए विकास कार्यों में गड़बड़ की शिकायत गांव के संतोष कुमार ने वर्ष 2016 में सीडीओ और डीएम से की थी। मामले में सीडीओ ने उपनिदेशक कृषि विजयशंकर और जेई लोनिवि आरके गुप्ता को जांच सौंप दी। दोनों अधिकारियों ने जांच को लेकर ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान से वर्ष 2005 से 2015 तक के अभिलेख मांगे, लेकिन दोनों जिम्मेदारों ने आज तक अभिलेख नहीं दिए। इसे लेकर सीडीओ ने तीन बार रिमाइंडर भेजकर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव ने कोई अभिलेख फिर भी नहीं दिए। वहीं उपनिदेशक कृषि ने भी सीडीओ को अभिलेख नहीं मिलने से जांच प्रभावित होने का पत्र लिखा। सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने डीपीआरओ को पत्र लिखकर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिलेख नहीं मिलने पर विधिक कार्रवाई करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
दरअसल, शीतलपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत ककरावली में वर्ष 2005 से 2010 और 2010 से 2015 में हुए विकास कार्यों में गड़बड़ की शिकायत गांव के संतोष कुमार ने वर्ष 2016 में सीडीओ और डीएम से की थी। मामले में सीडीओ ने उपनिदेशक कृषि विजयशंकर और जेई लोनिवि आरके गुप्ता को जांच सौंप दी। दोनों अधिकारियों ने जांच को लेकर ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान से वर्ष 2005 से 2015 तक के अभिलेख मांगे, लेकिन दोनों जिम्मेदारों ने आज तक अभिलेख नहीं दिए। इसे लेकर सीडीओ ने तीन बार रिमाइंडर भेजकर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव ने कोई अभिलेख फिर भी नहीं दिए। वहीं उपनिदेशक कृषि ने भी सीडीओ को अभिलेख नहीं मिलने से जांच प्रभावित होने का पत्र लिखा। सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने डीपीआरओ को पत्र लिखकर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिलेख नहीं मिलने पर विधिक कार्रवाई करने के लिए कहा है।
विज्ञापन