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बेड हुए फुल, स्ट्रेचर पर दिया जा रहा उपचार
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:54 PM IST
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मैनपुरी। जिले में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना 60 से 70 मरीज भर्ती कराए जा रहे हैं। इसके चलते अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं। बेडों की कमी के कारण माइनर ओटी और डॉक्टर कक्ष में स्ट्रेचर पर ही मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। अचानक बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन दिनों से अचानक मरीज बढ़ने के कारण जिला अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं।
हालांकि विभाग ने कुछ अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था कराई थी, लेकिन फिर भी मरीजों के लिए समुचित बेड नहीं हैं। सोमवार को अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही है।
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भीड़ के चलते इमरजेंसी के सभी 25 बेड फुल हो गए। अंदर वार्ड में पता किया गया तो वहां भी सभी बेड फुल थे। मरीजों को एक से दो घंटे तक माइनर ओटी और डॉक्टर कक्ष में ही स्ट्रेचर पर उपचार दिया जा रहा है।
जब तक मरीज स्ट्रेचर पर रहता है, तब तक तीमारदार को उसके पास ही खड़ा रहना पड़ता है।
अचानक मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था की गई है। फिर भी बेड कम पड़ रहे हैं, तो गैलरी में बेड डालकर मरीजों को उपचार दिलाया जाएगा। -डॉ. आरके सागर, सीएमएस।
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जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। अचानक बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन दिनों से अचानक मरीज बढ़ने के कारण जिला अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं।
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हालांकि विभाग ने कुछ अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था कराई थी, लेकिन फिर भी मरीजों के लिए समुचित बेड नहीं हैं। सोमवार को अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही है।
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भीड़ के चलते इमरजेंसी के सभी 25 बेड फुल हो गए। अंदर वार्ड में पता किया गया तो वहां भी सभी बेड फुल थे। मरीजों को एक से दो घंटे तक माइनर ओटी और डॉक्टर कक्ष में ही स्ट्रेचर पर उपचार दिया जा रहा है।
जब तक मरीज स्ट्रेचर पर रहता है, तब तक तीमारदार को उसके पास ही खड़ा रहना पड़ता है।
अचानक मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था की गई है। फिर भी बेड कम पड़ रहे हैं, तो गैलरी में बेड डालकर मरीजों को उपचार दिलाया जाएगा। -डॉ. आरके सागर, सीएमएस।