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भ्रष्टाचार के 40 मामलों पर अखिलेश ने नहीं की थी कार्रवाई: राम नाईक
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:51 PM IST
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आगरा। राज्यपाल राम नाईक ने अखिलेश सरकार से अपने संबंध अच्छे बताते हुए उस पर हमला भी बोला। कहा कि लोकायुक्त के माध्यम से मिले भ्रष्टाचार के 40 मामले उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजे थे। मगर, इनमें से एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई।
राज्यपाल ने कहा कि इन सभी मामलों को अब फिर से योगी सरकार को सौंपा गया है। वह इनकी जांच करा रहे हैं। वहीं, राम नाईक ने योगी सरकार को भी कानून व्यवस्था में सुधार की नसीहत दी।
रविवार को महाराष्ट्र मंडल के कार्यक्रम के बाद होटल क्लार्क शिराज में राम नाईक ने बतौर राज्यपाल अपने तीन साल का कार्यवृत्त पेश किया। इसके बाद प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त एक कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह को वह निलंबित कर चुके हैं। छह और कुलपतियों की शिकायत के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि इनका मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के 29 विश्वविद्यालयों का शैक्षिक कैलेंडर बिगड़ा हुआ था। मगर, अब इनमें काफी सुधार हुआ है। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत पर राज्यपाल ने कहा कि जांच जारी है। क
हा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि कुलपतियों के साथ बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री शामिल हुए। इससे पहले ऐसा नहीं होता था, इसकी वजह से कुलपतियों, कुलाधिपति (राज्यपाल) और सरकार के बीच सामंजस्य नहीं बैठ पाता था।
राम नाईक ने कहा कि जिस तरह से अखिलेश सरकार से कानून व्यवस्था में सुधार के लिए कहा था, उसी तरह से योगी सरकार को भी इसमें सुधार के लिए कहा गया है। समाज का अधिकार है कि उसे पूरी सुरक्षा मिले। राज्यपाल ने कहा कि सदन तभी अच्छा चलता है, जब विपक्ष को कहने का मौका मिले और सरकार को अपना काम करने का रास्ता। योगी सरकार के साथ वह प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
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राज्यपाल ने कहा कि इन सभी मामलों को अब फिर से योगी सरकार को सौंपा गया है। वह इनकी जांच करा रहे हैं। वहीं, राम नाईक ने योगी सरकार को भी कानून व्यवस्था में सुधार की नसीहत दी।
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रविवार को महाराष्ट्र मंडल के कार्यक्रम के बाद होटल क्लार्क शिराज में राम नाईक ने बतौर राज्यपाल अपने तीन साल का कार्यवृत्त पेश किया। इसके बाद प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त एक कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह को वह निलंबित कर चुके हैं। छह और कुलपतियों की शिकायत के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि इनका मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के 29 विश्वविद्यालयों का शैक्षिक कैलेंडर बिगड़ा हुआ था। मगर, अब इनमें काफी सुधार हुआ है। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत पर राज्यपाल ने कहा कि जांच जारी है। क
हा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि कुलपतियों के साथ बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री शामिल हुए। इससे पहले ऐसा नहीं होता था, इसकी वजह से कुलपतियों, कुलाधिपति (राज्यपाल) और सरकार के बीच सामंजस्य नहीं बैठ पाता था।
राम नाईक ने कहा कि जिस तरह से अखिलेश सरकार से कानून व्यवस्था में सुधार के लिए कहा था, उसी तरह से योगी सरकार को भी इसमें सुधार के लिए कहा गया है। समाज का अधिकार है कि उसे पूरी सुरक्षा मिले। राज्यपाल ने कहा कि सदन तभी अच्छा चलता है, जब विपक्ष को कहने का मौका मिले और सरकार को अपना काम करने का रास्ता। योगी सरकार के साथ वह प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रयासरत हैं।