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खेती को खटका, जगह-जगह टोना-टोटका
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:19 AM IST
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शिकोहाबाद। बारिश नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने टोना टोटका का सहरा लेना शुरू कर दिया है। महिलाएं खेतों में हल चला कर इंद्र को प्रसन्न करने की कोशिश कर रही हैं। बच्चे भी बारिश के लिए ‘हरे-पीले-काले डंडा’ का टोटका कर रहे हैं। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जा रही है।
अषाढ़ सूखा बीता। सावन में भी नाममात्र की बारिश हुई है। फसलों की बुवाई रुकी हुई है। आलू की फसल में भारी नुकसान उठा चुका किसान बारिश न होने से बाजरा तक नहीं बो पा रहे हैं। डंडिया मई गांव में महिलाओं ने गुरुवार की रात को बारी-बारी से नग्न होकर हल चलाया।
इंद्रदेव से बारिश के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भजन कीर्तन भी किया गया। इसके बाद घर से बना कर लाईं गईं रोटियों को खेत पर बैठ कर ही खाया। उनका मानना था कि इस तरह के टोटका से इंद्रदेव प्रसन्न होकर बारिश करते हैं।
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दूसरी तरफ ग्रामीण बच्चे और युवाओं ने अर्धनग्न अवस्था में हाथ में काले-पीले-डंडे लेकर पूरे गांव में भ्रमण किया। ग्रामीण महिलाओं ने उनके ऊपर पानी उड़ेला। बाद में बच्चों और युवाओं ने प्रत्येक घर से आटा और दाल की भिक्षा मांगी। इससे शाम को गांव के बाहर दालवाटी का भोजन तैयार कर खेतों पर ही खाया गया।
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अषाढ़ सूखा बीता। सावन में भी नाममात्र की बारिश हुई है। फसलों की बुवाई रुकी हुई है। आलू की फसल में भारी नुकसान उठा चुका किसान बारिश न होने से बाजरा तक नहीं बो पा रहे हैं। डंडिया मई गांव में महिलाओं ने गुरुवार की रात को बारी-बारी से नग्न होकर हल चलाया।
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इंद्रदेव से बारिश के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भजन कीर्तन भी किया गया। इसके बाद घर से बना कर लाईं गईं रोटियों को खेत पर बैठ कर ही खाया। उनका मानना था कि इस तरह के टोटका से इंद्रदेव प्रसन्न होकर बारिश करते हैं।
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दूसरी तरफ ग्रामीण बच्चे और युवाओं ने अर्धनग्न अवस्था में हाथ में काले-पीले-डंडे लेकर पूरे गांव में भ्रमण किया। ग्रामीण महिलाओं ने उनके ऊपर पानी उड़ेला। बाद में बच्चों और युवाओं ने प्रत्येक घर से आटा और दाल की भिक्षा मांगी। इससे शाम को गांव के बाहर दालवाटी का भोजन तैयार कर खेतों पर ही खाया गया।