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जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड हुआ फुल
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जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड हुआ फुल
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। भीषण गर्मी में डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। जिला अस्पताल में गर्मी के चपेट में आए लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। प्रतिदिन ओपीडी में 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चे, बुजर्ग और युवा तक को गर्मी चपेट में ले रही है। अस्पताल स्थित इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह से फुल हो चुका है।
गर्मी की वजह से डायरियां की चपेट में आए बच्चों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। इमरजेंसी में भर्ती कराए गए बच्चों को उल्टी दस्त ने चपेट में ले रखा है। विद्या (3) पुत्री अनमोल निवासी पीपल अड्डा, अहान (1.5) पुत्र पिंकू निवासी बाबूगंज, अनम (10) पुत्री आशिव निवासी किदवई नगर और आदित्य पांच (5) पुत्र धर्मेंद्र डायरिया की चपेट में आने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. बी सागर का कहना है कि पारा 45 तक पहुंच गया है। ऐसे में मौसमी बीमारियों से बचना बेहद मुश्किल है। गर्मी से बचने के उपाय जरूर करने होंगे। अगर गर्मी से बचने के उपाय नहीं किए गए तो बच्चों को डायरिया से बचाना मुश्किल हो जाएगा। गर्मी से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और ऐसे में डायरिया होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। बच्चों को ठंड़ी जगह में रखें, पानी अधिक पिलाएं, मौसमी फलों का सेवन कराएं, दही और लस्सी का अधिक सेवन करें और कराएं।
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बुखार-उल्टी के बाद मासूम की मौत
कासगंज। ग्राम क्यामपुर बहेड़िया में बुखार और उल्टी से पीड़ित बालिका की मौत हो गई। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
गांव क्यामपुर बहेड़िया निवासी दक्ष (9 माह) पुत्र हृदेश विगत तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने बालिका को चिकित्सक को दिखाया लेकिन आराम नहीं मिला। मंगलवार को मासूम को उल्टी की शिकायत हो गई। इसके बाद परिजन उसे दिखाने के लिए जिला चिकित्सालय ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही मासूम की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने भी बालिका को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिजनों में चीत्कार मच गया।
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गर्मी की वजह से डायरियां की चपेट में आए बच्चों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। इमरजेंसी में भर्ती कराए गए बच्चों को उल्टी दस्त ने चपेट में ले रखा है। विद्या (3) पुत्री अनमोल निवासी पीपल अड्डा, अहान (1.5) पुत्र पिंकू निवासी बाबूगंज, अनम (10) पुत्री आशिव निवासी किदवई नगर और आदित्य पांच (5) पुत्र धर्मेंद्र डायरिया की चपेट में आने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डा. बी सागर का कहना है कि पारा 45 तक पहुंच गया है। ऐसे में मौसमी बीमारियों से बचना बेहद मुश्किल है। गर्मी से बचने के उपाय जरूर करने होंगे। अगर गर्मी से बचने के उपाय नहीं किए गए तो बच्चों को डायरिया से बचाना मुश्किल हो जाएगा। गर्मी से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और ऐसे में डायरिया होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। बच्चों को ठंड़ी जगह में रखें, पानी अधिक पिलाएं, मौसमी फलों का सेवन कराएं, दही और लस्सी का अधिक सेवन करें और कराएं।
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बुखार-उल्टी के बाद मासूम की मौत
कासगंज। ग्राम क्यामपुर बहेड़िया में बुखार और उल्टी से पीड़ित बालिका की मौत हो गई। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
गांव क्यामपुर बहेड़िया निवासी दक्ष (9 माह) पुत्र हृदेश विगत तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने बालिका को चिकित्सक को दिखाया लेकिन आराम नहीं मिला। मंगलवार को मासूम को उल्टी की शिकायत हो गई। इसके बाद परिजन उसे दिखाने के लिए जिला चिकित्सालय ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही मासूम की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने भी बालिका को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिजनों में चीत्कार मच गया।