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आगरा: एसएन में जर्जर भवनों पर बारिश का खतरा, बेहद कमजोर हिस्सों की मरम्मत शुरू; बजट का इंतजार
Fri, 04 Sep 2026 11:18 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:18 AM IST
सार
बारिश के बीच एसएन मेडिकल कॉलेज के जर्जर भवनों से हादसे की आशंका को देखते हुए बेहद खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जा रही है। नौ भवनों के निरीक्षण में पांच बेहद जर्जर मिले हैं, जिनकी विस्तृत मरम्मत शासन से बजट मिलने के बाद कराई जाएगी।
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एसएन में जर्जर भवनों की मरम्मत शुरू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
बारिश के बीच एसएन कॉलेज प्रशासन को हादसे का डर सता रहा है। ऐसे में बेहद जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। इनमें मरीजों का इलाज होने के साथ पढ़ाई-लिखाई का भी कार्य होता है। बाद में शासन से बजट आने के बाद जर्जर भवनों का नियमानुसार पूरा काम कराया जाएगा।
इमरजेंसी में भर्ती खंदारी निवासी 10 साल के उमेर पर प्लास्टर गिर गया था। अगले दिन उनकी मौत के बाद सपा-कांग्रेस ने हंगामा किया। इसे प्लास्टर से मौत बताते हुए जमकर हंगामा किया। कॉलेज प्रशासन इसे गंभीर निमोनिया से मौत बता रहा था। इसके बाद पांच सदस्यीय टीम ने नौ भवनों का निरीक्षण किया। इनमें से पांच भवनों की हालत बेहद जर्जर मिली।
इनकी रिपोर्ट शासन को भेजी है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बारिश भी हो रही है। ऐसे में बाल रोग, एकेडमिक ब्लॉक और न्यू सर्जिकल एलाइड की बेहद जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। इसके लिए आंतरिक बजट का उपयोग किया जा रहा है। शासन से बजट आने के बाद जर्जर इमारतों की मरम्मत का काम नियमानुसार किया जाएगा।
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इमरजेंसी में भर्ती खंदारी निवासी 10 साल के उमेर पर प्लास्टर गिर गया था। अगले दिन उनकी मौत के बाद सपा-कांग्रेस ने हंगामा किया। इसे प्लास्टर से मौत बताते हुए जमकर हंगामा किया। कॉलेज प्रशासन इसे गंभीर निमोनिया से मौत बता रहा था। इसके बाद पांच सदस्यीय टीम ने नौ भवनों का निरीक्षण किया। इनमें से पांच भवनों की हालत बेहद जर्जर मिली।
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इनकी रिपोर्ट शासन को भेजी है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बारिश भी हो रही है। ऐसे में बाल रोग, एकेडमिक ब्लॉक और न्यू सर्जिकल एलाइड की बेहद जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। इसके लिए आंतरिक बजट का उपयोग किया जा रहा है। शासन से बजट आने के बाद जर्जर इमारतों की मरम्मत का काम नियमानुसार किया जाएगा।
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