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गर्मी में अस्थमा से चार की गई जान
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अस्थमा
- फोटो : demo pic
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। डायरिया और बुखार के साथ ही अब अस्थमा से पीड़ित मरीजों की मौत हो रही है। जिला अस्पताल में अस्थमा से पीड़ित चार और मरीजों ने दम तोड़ दिया।
गुरुवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में 26 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। कुरावली थाना क्षेत्र के गांव नगला शिंभू निवासी दीपक की 22 वर्षीय पत्नी छाया को परिजनों ने अस्थमा की दिक्कत होने पर बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
यहां उपचार के दौरान गुरुवार को छाया की मौत हो गई। बिछवां थाना क्षेत्र के गांव करीमगंज निासी राजेंद्र प्रसाद की 50 वर्षीय पत्नी गुड्डी देवी को भी कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत थी। परिजनों ने बुधवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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यहां उपचार के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई। घिरोर निवासी हरीश की आठ माह की पुत्री रिया को भी पिछले कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत थी। परिजनों ने उसे मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को रिया की मौत हो गई।
कुरावली थाना क्षेत्र के गांव अलूपुरा निवासी 70 वर्षीय रामप्रकाश को पिछले कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत थी। परिजन गुरुवार को उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्थमा के लक्षण
-सांस फूलना
-सांस लेते समय सीटी की आवाज आना
-लंबे समय तक खांसी आना
-सीने में दर्द होना
-सीने में जकडन महसूस करना
रोकथाम के तरीके
-खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए
-धूल-धुओं और धूम्रपान से बचाव करें
पालतू जानवरों के संपर्क से दूर रहें
-गर्म मसाले, लाल मिर्च, अचार व चाय का सेवन न करें
-घर के आस-पास साफ-सफाई रखें
-जूतों को घर के बाहर ही उतारें
-व्यायाम करते समय भी सावधानी रखें
संक्रमण है मुख्य वजह
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार के अनुसार गर्मी में संक्रमण अस्थमा का सबसे बड़ा कारण है। गर्मी के मौसम में प्राय: प्रदूषण बढ़ जाता है। इसके चलते गले व नाक में संक्रमण की समस्या हो जाती है। इससे अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति ठीक से सांस नहीं ले पाता है। अस्थमा के मरीजों को सामान्य व्यक्ति की तुलना में सांस लेने में अधिक दिक्कत होती है।
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गुरुवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में 26 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। कुरावली थाना क्षेत्र के गांव नगला शिंभू निवासी दीपक की 22 वर्षीय पत्नी छाया को परिजनों ने अस्थमा की दिक्कत होने पर बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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यहां उपचार के दौरान गुरुवार को छाया की मौत हो गई। बिछवां थाना क्षेत्र के गांव करीमगंज निासी राजेंद्र प्रसाद की 50 वर्षीय पत्नी गुड्डी देवी को भी कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत थी। परिजनों ने बुधवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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यहां उपचार के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई। घिरोर निवासी हरीश की आठ माह की पुत्री रिया को भी पिछले कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत थी। परिजनों ने उसे मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को रिया की मौत हो गई।
कुरावली थाना क्षेत्र के गांव अलूपुरा निवासी 70 वर्षीय रामप्रकाश को पिछले कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत थी। परिजन गुरुवार को उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्थमा के लक्षण
-सांस फूलना
-सांस लेते समय सीटी की आवाज आना
-लंबे समय तक खांसी आना
-सीने में दर्द होना
-सीने में जकडन महसूस करना
रोकथाम के तरीके
-खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए
-धूल-धुओं और धूम्रपान से बचाव करें
पालतू जानवरों के संपर्क से दूर रहें
-गर्म मसाले, लाल मिर्च, अचार व चाय का सेवन न करें
-घर के आस-पास साफ-सफाई रखें
-जूतों को घर के बाहर ही उतारें
-व्यायाम करते समय भी सावधानी रखें
संक्रमण है मुख्य वजह
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार के अनुसार गर्मी में संक्रमण अस्थमा का सबसे बड़ा कारण है। गर्मी के मौसम में प्राय: प्रदूषण बढ़ जाता है। इसके चलते गले व नाक में संक्रमण की समस्या हो जाती है। इससे अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति ठीक से सांस नहीं ले पाता है। अस्थमा के मरीजों को सामान्य व्यक्ति की तुलना में सांस लेने में अधिक दिक्कत होती है।