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बैंक घोटाला: अब तक 27.66 लाख रुपये का घोटाला आया सामने, 133 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज
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एसबीआई
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कासगंज। भारतीय स्टेट बैंक ग्राहक सेवा केंद्र गोरहा के घोटाले की जांच में अब तक 27.66 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। 133 उपभोक्ता अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। वहीं ओरियल कंपनी ने जांच कमेटी को अपना स्पष्टीकरण भेजते हुए स्पष्ट किया है कि कमेटी को कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जाएगा जो भी जानकारी चाहिए भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से मांगे।
घोटालेबाज अर्जुन ने उपभोक्ताओं के साथ बड़ी जालसाजी की थी। जांच में परत दर परत घोटाला खुलकर सामने आ रहा है। जांच कमेटी के समक्ष अब तक 131 उपभोक्ता बयान दर्ज कराने पहुंचे। जांच कमेटी ने पाया कि इन उपभोक्ताओं के खातों से 27.66 लाख रुपये का घोटाला हो चुका है। कमेटी का मानना है कि अभी और भी उपभोक्ता प्रकाश में आएंगे। घोटाले की रकम काफी हद तक बढ़ सकती है। इसके अलावा ओरियल कंपनी ने कमेटी के स्पष्टीकरण का जवाब भेजते हुए कहा कि कोई भी जानकारी चाहिए तो स्टेट बैंक के माध्यम से लें। सीधे कंपनी जांच कमेटी को कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करा सकती। इस तरह से अब यह जांच एक बार उलझती नजर आ रही है। जिससे उपभोक्ताओं की उम्मीदें धराशायी हो रही हैं।
ओरियल कंपनी जांच में सहयोग करने से कतरा रही है। कोई भी जानकारी सीधे उपलब्ध कराने से मना कर दिया है। यह जानकारी जिला प्रशासन को दी जाएगी। जांच में अब तक 27.66 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। महेश प्रकाश, एलडीएम।
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घोटालेबाज अर्जुन ने उपभोक्ताओं के साथ बड़ी जालसाजी की थी। जांच में परत दर परत घोटाला खुलकर सामने आ रहा है। जांच कमेटी के समक्ष अब तक 131 उपभोक्ता बयान दर्ज कराने पहुंचे। जांच कमेटी ने पाया कि इन उपभोक्ताओं के खातों से 27.66 लाख रुपये का घोटाला हो चुका है। कमेटी का मानना है कि अभी और भी उपभोक्ता प्रकाश में आएंगे। घोटाले की रकम काफी हद तक बढ़ सकती है। इसके अलावा ओरियल कंपनी ने कमेटी के स्पष्टीकरण का जवाब भेजते हुए कहा कि कोई भी जानकारी चाहिए तो स्टेट बैंक के माध्यम से लें। सीधे कंपनी जांच कमेटी को कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करा सकती। इस तरह से अब यह जांच एक बार उलझती नजर आ रही है। जिससे उपभोक्ताओं की उम्मीदें धराशायी हो रही हैं।
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ओरियल कंपनी जांच में सहयोग करने से कतरा रही है। कोई भी जानकारी सीधे उपलब्ध कराने से मना कर दिया है। यह जानकारी जिला प्रशासन को दी जाएगी। जांच में अब तक 27.66 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। महेश प्रकाश, एलडीएम।
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