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चिकित्सकों के देरी से पहुंचने पर अस्पताल में हंगामा
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एटा। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के देर आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को भी चिकित्सक समय पर नहीं पहुंचे। चिकित्सकों का काफी देर इंतजार करने के बाद मरीजों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख अस्पताल में तैनात होमगार्डों ने स्थिति को संभाला। इसके बाद चिकित्सकों के आने पर स्थिति सामान्य हो सकी। सोमवार को दो हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी रही।
सोमवार की सुबह जिला अस्पताल मौसमी बीमारियों के शिकार हुए महिला, पुरुष और बच्चों से खचाखच भर गया। नौ बजे तक डाक्टर नहीं आए तो मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। किसी तरह से ड्यूटी पर लगे होमगार्डों ने माहौल को शांत किया। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया वैसे-वैसे ही मरीजों की संख्या बढ़ती गई। सोमवार को जिला अस्पताल में 2000 मरीजों ने अपने पंजीकरण कराए। अचानक मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी को देखकर चिकित्सक दबाव में आ गए। दोपहर एक बजे तक अस्पताल में मरीज दवाओं के लिए लाइनें लगाएं खड़े रहे। सीएमएस डा. राजेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि बारिश के बाद पड़ी गर्मी की चपेट में लोग आ रहे हैं इसकी वजह से मरीजों की संख्या सोमवार को बढ़ गई। मरीजों को दवाएं और उपचार देकर स्वस्थ बनाने के प्रयास जारी हैं। चिकित्सकों से भी समय पर आने के लिए कहा गया है।
मौसमी बीमारियों का प्रकोप
गर्मी के चलते इन दिनों लोग खासे बीमार हो रहे हैं। मौसमी बीमारियों में सर्दी, जुखाम, बुखार, डायरिया, पीलिया, और मलेरिया के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंचते हैं। ऐेसे में चिकित्सकों के समय पर न पहुंचने पर उनका इंतजार करते करते जब वह थक जाते हैं तो हंगामा शुरू हो जाता है। यह एक दिन की नहीं बल्कि प्रतिदिन की स्थिति है।
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अस्पताल में पैर रखने की जगह नहीं
सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि पैर रखने को जगह नहीं थी। सुबह से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह नौ बजे तक करीब दौ सैकड़ा से अधिक मरीज पर्चा बनवाकर लाइनों में लग गए थे। चिकित्सकों के कमरे के बाहर मरीज घंटों बैठकर इंतजार करते रहे।
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सोमवार की सुबह जिला अस्पताल मौसमी बीमारियों के शिकार हुए महिला, पुरुष और बच्चों से खचाखच भर गया। नौ बजे तक डाक्टर नहीं आए तो मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। किसी तरह से ड्यूटी पर लगे होमगार्डों ने माहौल को शांत किया। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया वैसे-वैसे ही मरीजों की संख्या बढ़ती गई। सोमवार को जिला अस्पताल में 2000 मरीजों ने अपने पंजीकरण कराए। अचानक मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी को देखकर चिकित्सक दबाव में आ गए। दोपहर एक बजे तक अस्पताल में मरीज दवाओं के लिए लाइनें लगाएं खड़े रहे। सीएमएस डा. राजेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि बारिश के बाद पड़ी गर्मी की चपेट में लोग आ रहे हैं इसकी वजह से मरीजों की संख्या सोमवार को बढ़ गई। मरीजों को दवाएं और उपचार देकर स्वस्थ बनाने के प्रयास जारी हैं। चिकित्सकों से भी समय पर आने के लिए कहा गया है।
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मौसमी बीमारियों का प्रकोप
गर्मी के चलते इन दिनों लोग खासे बीमार हो रहे हैं। मौसमी बीमारियों में सर्दी, जुखाम, बुखार, डायरिया, पीलिया, और मलेरिया के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंचते हैं। ऐेसे में चिकित्सकों के समय पर न पहुंचने पर उनका इंतजार करते करते जब वह थक जाते हैं तो हंगामा शुरू हो जाता है। यह एक दिन की नहीं बल्कि प्रतिदिन की स्थिति है।
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अस्पताल में पैर रखने की जगह नहीं
सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि पैर रखने को जगह नहीं थी। सुबह से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह नौ बजे तक करीब दौ सैकड़ा से अधिक मरीज पर्चा बनवाकर लाइनों में लग गए थे। चिकित्सकों के कमरे के बाहर मरीज घंटों बैठकर इंतजार करते रहे।