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पांच झोपड़ियों में लगी आग, तीन पशु मरे
Updated Sat, 26 May 2018 11:02 PM IST
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पांच झोपड़ियों में लगी आग, तीन पशु मरे
- फोटो : अमर उजाला
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पटियाली।
क्षेत्र के गांव रायपुर मौथर में 5 कच्चे मकानों में दोपहर के समय आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तीन पशु आग से जलकर मौत का शिकार हो गए। जबकि सारा घरेलू सामान सब कुछ जलकर राख हो गया।
गांव में सबसे पहले राधा की झोपड़ी में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। झोपड़ी को जलता देख शोरशराबा मचते ही ग्रामीण एकत्रित होने लगे, लेकिन तेज हवा के कारण आग ने रहीस की झोपड़ी को भी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग विकराल होती चली गई। आग की चपेट में सत्यपाल, रामभजन एंव सूबेंद्र के कच्चे मकान भी आ गए। ग्रामीण जितना आग को बुझाने का प्रयास कर रहे थे उतनी ही आग की लपटें तेज होती जा रहीं थीं। जब सबकुछ जलकर राख हो गया। राधा की तीन बकरी आग से जलकर मर गईं। जबकि उसका सभी घरेलू सामान, बर्तन, चारपाई, गल्ला, बिस्तर, कपड़े सब कुछ जल गया। चारों अन्य पीड़ितों का भी सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की सूचना पर तहसीलदार प्रवीन कुमार एवं राजस्व निरीक्षक जगदीश प्रसाद भी मौके पर पहुंचे। आग से हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। आगजनी में सबकुछ गवा चुके पीड़ित परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है। वे सरकारी मदद की राह देखने को मजबूर हैं।
फोटो प्रेषित है
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क्षेत्र के गांव रायपुर मौथर में 5 कच्चे मकानों में दोपहर के समय आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तीन पशु आग से जलकर मौत का शिकार हो गए। जबकि सारा घरेलू सामान सब कुछ जलकर राख हो गया।
गांव में सबसे पहले राधा की झोपड़ी में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। झोपड़ी को जलता देख शोरशराबा मचते ही ग्रामीण एकत्रित होने लगे, लेकिन तेज हवा के कारण आग ने रहीस की झोपड़ी को भी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग विकराल होती चली गई। आग की चपेट में सत्यपाल, रामभजन एंव सूबेंद्र के कच्चे मकान भी आ गए। ग्रामीण जितना आग को बुझाने का प्रयास कर रहे थे उतनी ही आग की लपटें तेज होती जा रहीं थीं। जब सबकुछ जलकर राख हो गया। राधा की तीन बकरी आग से जलकर मर गईं। जबकि उसका सभी घरेलू सामान, बर्तन, चारपाई, गल्ला, बिस्तर, कपड़े सब कुछ जल गया। चारों अन्य पीड़ितों का भी सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की सूचना पर तहसीलदार प्रवीन कुमार एवं राजस्व निरीक्षक जगदीश प्रसाद भी मौके पर पहुंचे। आग से हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। आगजनी में सबकुछ गवा चुके पीड़ित परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है। वे सरकारी मदद की राह देखने को मजबूर हैं।
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