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सरकारी कबाड़ खरीदने को कराना होगा पंजीकरण
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:30 PM IST
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पलायन के बाद लोहाघाट के सुदूर मड गांव में वीरान पड़ा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। सरकारी कार्यालयों के कबाड़ की बिक्री पर भी सरकार ने जीएसटी की पाबंदी लगाई है। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी ही सरकारी कबाड़ की खरीद कर सकेंगे। प्रदेश के जीएसटी कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद सरकारी विभागोें में अफरातफरी है। वहीं कार्यालय से सरकारी विभागों से टीडीएस का विवरण भी मांगा गया है।
अब तक प्रदेश के सरकारी कार्यालय से होने वाली कबाड़ की बिक्री स्थानीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया के जरिए कर दी जाती थी। अब उप्र वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय ने इसमें जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को ही बिक्री करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार को सरकारी कबाड़ खरीद में खेल होने की शिकायतें अक्सर मिलती रही हैं।
अधिकारियों की मानें तो शासन के निर्देश के बाद राज्य कार्यालय ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश जारी कर दिया है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों से टीडीएस का विवरण मांगा गया है। जिले मेें करीब 50 से ज्यादा कबाड़ा व्यापारी हैं। अब पंजीकरण के चलते व्यापारियों की चिंता बढ़ी हुई है। निर्देशों में कहा गया है कि जीएसटी में पंजीकृत नहीं होेने वाले व्यापारी खरीद के लिए मान्य नहीं होंगे।
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साथ ही व्यापारी को हर माह समय से रिटर्न दाखिल करना होगा। ऐसा नहीं होने पर व्यापारी से 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। जीएसटी राज्य कर डिप्टी कमिश्नर बीडी शुक्ला के निर्देश मिलने के बाद सरकारी विभागों ने इसे अमल में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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अब तक प्रदेश के सरकारी कार्यालय से होने वाली कबाड़ की बिक्री स्थानीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया के जरिए कर दी जाती थी। अब उप्र वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय ने इसमें जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को ही बिक्री करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार को सरकारी कबाड़ खरीद में खेल होने की शिकायतें अक्सर मिलती रही हैं।
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अधिकारियों की मानें तो शासन के निर्देश के बाद राज्य कार्यालय ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश जारी कर दिया है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों से टीडीएस का विवरण मांगा गया है। जिले मेें करीब 50 से ज्यादा कबाड़ा व्यापारी हैं। अब पंजीकरण के चलते व्यापारियों की चिंता बढ़ी हुई है। निर्देशों में कहा गया है कि जीएसटी में पंजीकृत नहीं होेने वाले व्यापारी खरीद के लिए मान्य नहीं होंगे।
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साथ ही व्यापारी को हर माह समय से रिटर्न दाखिल करना होगा। ऐसा नहीं होने पर व्यापारी से 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। जीएसटी राज्य कर डिप्टी कमिश्नर बीडी शुक्ला के निर्देश मिलने के बाद सरकारी विभागों ने इसे अमल में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।