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सफेद दूध से काली कमाई में जुटे मिलावटखोर
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:59 PM IST
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फिरोजाबाद। रुपये के लालच में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले में मिलावटी दूध का कारोबार जोरों पर है। गांव-कस्बों में यह धंधा खूब फलफूल रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान देहात क्षेत्र में मिलावटी दूध के कई मामले सामने आ चुके हैं।
सितंबर में आई 22 रिपोर्ट में 12 नमूने दूध के नमूने फेल हो गए हैं। इनमें एक नमूने में तो मानव उपभोग के लिए असुरक्षित बताया है।
टूंडला के मंगल बिहारी कालोनी से 29 अगस्त को दूध का नमूना लिया गया था। करीब 900 लीटर दूध नष्ट भी कराया था। उसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा विभाग के पास आ गई है।
सिंथेटिक दूध में एक प्रतिशत भी दूध के गुण नहीं थे। इसमें मिल्क फेट शून्य प्रतिशत आया है। सोड़ा, ग्लूकोज और डिटर्जेंट का उपयोग करके लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। इसी तरह 11 अन्य नमूने भी दूध के फेल हुए हैं।
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मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी बीएस कुशवाह ने बताया कि जो भी नमूने फेल हुए हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दायर कराया जाएगा।
देर से आती है रिपोर्ट
खाद्य विभाग जो भी नमूने लेता है, उनकी रिपोर्ट आने में कई महीने लग जाते हैं। एक बार नमूना देने के बाद मिलावटी सामान की जमकर बिक्री होती है।
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सितंबर में आई 22 रिपोर्ट में 12 नमूने दूध के नमूने फेल हो गए हैं। इनमें एक नमूने में तो मानव उपभोग के लिए असुरक्षित बताया है।
टूंडला के मंगल बिहारी कालोनी से 29 अगस्त को दूध का नमूना लिया गया था। करीब 900 लीटर दूध नष्ट भी कराया था। उसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा विभाग के पास आ गई है।
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सिंथेटिक दूध में एक प्रतिशत भी दूध के गुण नहीं थे। इसमें मिल्क फेट शून्य प्रतिशत आया है। सोड़ा, ग्लूकोज और डिटर्जेंट का उपयोग करके लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। इसी तरह 11 अन्य नमूने भी दूध के फेल हुए हैं।
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मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी बीएस कुशवाह ने बताया कि जो भी नमूने फेल हुए हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दायर कराया जाएगा।
देर से आती है रिपोर्ट
खाद्य विभाग जो भी नमूने लेता है, उनकी रिपोर्ट आने में कई महीने लग जाते हैं। एक बार नमूना देने के बाद मिलावटी सामान की जमकर बिक्री होती है।