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विभागीय लापरवाही : 45.30 लाख की धनराशि हुई वापस
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:53 PM IST
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मैनपुरी। शिक्षा विभाग की लापरवाही जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग से तैनात शिक्षामित्रों पर भारी पड़ गई है। 31 मार्च तक धनराशि का उपभोग न करने के कारण 45.30 लाख रुपये की धनराशि वापस हो गई। अब शिक्षामित्रों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग से 69 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से तीन शिक्षामित्र वे हैं, जो अभी तक समायोजित नहीं हुए थे।
इनको तो लगातार मानदेय मिल रहा है, लेकिन 66 शिक्षामित्र जो समायोजन निरस्त होने के बाद वापस शिक्षामित्र के पद पर आए हैं उन्हें पिछले सात माह से मानदेय नहीं मिला है। उनके मानदेय के लिए शासन से 45.30 लाख की धनराशि भेजी गई थी लेकिन उसका उपभोग नहीं किया जा सका। इसके चलते यह धनराशि वापस हो गई है। अब शिक्षामित्रों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। एक तरफ जहां सात माह से मानदेय नहीं मिल रहा था। वहीं अब धनराशि आने के बाद वापस हो गई है।
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इनको तो लगातार मानदेय मिल रहा है, लेकिन 66 शिक्षामित्र जो समायोजन निरस्त होने के बाद वापस शिक्षामित्र के पद पर आए हैं उन्हें पिछले सात माह से मानदेय नहीं मिला है। उनके मानदेय के लिए शासन से 45.30 लाख की धनराशि भेजी गई थी लेकिन उसका उपभोग नहीं किया जा सका। इसके चलते यह धनराशि वापस हो गई है। अब शिक्षामित्रों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। एक तरफ जहां सात माह से मानदेय नहीं मिल रहा था। वहीं अब धनराशि आने के बाद वापस हो गई है।
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