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नबी के बिन नजरों का नजारा हो नहीं सकता: आचार्य कृष्णम
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:38 PM IST
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अमीर खुसरो
- फोटो : अमर उजाला
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पटियाली (कासगंज)।
गंजडुंडवारा के एटा रोड स्थित अमीर खुसरो स्कूल में हजरत अमीर खुसरो महोत्सव को लेकर अखिल भारतीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ आचार्य प्रमोद कृष्णम व पूर्वमंत्री मानपाल सिंह ने फीता काटकर एवं शमां रोशन कर किया।
पूर्व अमीर खुसरो वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष नाशी खान ने हजरत अमीर खुसरो पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी खड़ी बोली के जनक तथा तबला के आविष्कारक हजरत अमीर खुसरो ने क्षेत्र को पूरे भारत में पहचान दी। उन्होंने आए अतिथियों को स्मृति चिन्ह और बुके देकर इस्तकबाल किया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पढ़ा कि ‘मुहब्बत के बिना अपना गुजारा हो नहीं सकता, नबी के बिन नजरों का नजारा हो नहीं सकता।’ शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने नजीब की याद में अपने कलाम में कहा कि ‘सुना है बहुत ही सुनहरी है दिल्ली, समंदर सी खामोश गहरी है दिल्ली।’ शायरा मोनिका ने कहा कि ‘कैद दिल में ये जान हो जाए, इश्क जब मेहरबान हो जाए।’ कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का लुत्फ दर्शकों ने भोर की पहली किरण तक लिया। हाशिम फिरोजाबादी, निकहत अमरोही, मोनिका दहेलवी, असद बस्तवी, जमील असगर, सज्जाद झंझट, चांदनी शबनम, जीशान, शरद लंकेश, फूलमियां अता आदि शायरों ने कलाम पेश कर लोगों को आह-वाह करने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमीर खुसरो वेलफेयर सोसाइटी की संरक्षक पूर्व विधायक नजीबा खान जीनत ने की। संचालन नदीम फार्रुख ने किया। एसडीएम धीरेंद्र सिंह, नदीम हुसैन, सरताज खां, ब्लाक प्रमुख यूसुफ खान, क्षेत्राधिकारी कर्मवीर सिंह, थानाध्यक्ष दुष्यंत कुमार सिंह, जहीर खान, नूरूल चौधरी, शादिक हसन सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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गंजडुंडवारा के एटा रोड स्थित अमीर खुसरो स्कूल में हजरत अमीर खुसरो महोत्सव को लेकर अखिल भारतीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ आचार्य प्रमोद कृष्णम व पूर्वमंत्री मानपाल सिंह ने फीता काटकर एवं शमां रोशन कर किया।
पूर्व अमीर खुसरो वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष नाशी खान ने हजरत अमीर खुसरो पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी खड़ी बोली के जनक तथा तबला के आविष्कारक हजरत अमीर खुसरो ने क्षेत्र को पूरे भारत में पहचान दी। उन्होंने आए अतिथियों को स्मृति चिन्ह और बुके देकर इस्तकबाल किया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पढ़ा कि ‘मुहब्बत के बिना अपना गुजारा हो नहीं सकता, नबी के बिन नजरों का नजारा हो नहीं सकता।’ शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने नजीब की याद में अपने कलाम में कहा कि ‘सुना है बहुत ही सुनहरी है दिल्ली, समंदर सी खामोश गहरी है दिल्ली।’ शायरा मोनिका ने कहा कि ‘कैद दिल में ये जान हो जाए, इश्क जब मेहरबान हो जाए।’ कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का लुत्फ दर्शकों ने भोर की पहली किरण तक लिया। हाशिम फिरोजाबादी, निकहत अमरोही, मोनिका दहेलवी, असद बस्तवी, जमील असगर, सज्जाद झंझट, चांदनी शबनम, जीशान, शरद लंकेश, फूलमियां अता आदि शायरों ने कलाम पेश कर लोगों को आह-वाह करने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमीर खुसरो वेलफेयर सोसाइटी की संरक्षक पूर्व विधायक नजीबा खान जीनत ने की। संचालन नदीम फार्रुख ने किया। एसडीएम धीरेंद्र सिंह, नदीम हुसैन, सरताज खां, ब्लाक प्रमुख यूसुफ खान, क्षेत्राधिकारी कर्मवीर सिंह, थानाध्यक्ष दुष्यंत कुमार सिंह, जहीर खान, नूरूल चौधरी, शादिक हसन सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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