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टीबी को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मदद करेगा आईएमए
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले में टीबी क ी जंग से लड़ने के लिए प्राइवेट चिकित्सक अब स्वास्थ्य विभाग के मददगार बनेेंगे। शुक्रवार को होटल माया पैलेस सभागार में हुई कार्यशाला में सीएमओ और डीटीओ ने आईएमए चिकित्सकों के साथ बात की।
सीएमओ डा. अजय अग्रवाल ने कहा कि निक्षय पोर्टल पर क्षय रोगियों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए प्राइवेट चिकित्सक सहयोग करें। डीटीओ डा. चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि प्राइवेट रोगियों की जांच को बढ़ाया जाए। अब सरकार भी डीबीटी के जरिए प्राइवेट चिकित्सकों को प्रति मरीज 600 रुपये का भुगतान करेगी।
आईएमए के सचिव डा. आशुतोष गुप्ता ने सभी चिकित्सकों से कार्यक्रम में सहयोग करने की अपील की। साथ ही आईएमए के अध्यक्ष डा. राजेश सक्सेना ने टीबी से लड़ने में स्वास्थ्य विभाग को मदद करने का आश्वासन दिया। पीपीएम समन्वयक आशीष पाराशरी ने कहा कि डीबीटी से चिकित्सकों को फायदा मिलेगा।
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सीएमओ डा. अजय अग्रवाल ने कहा कि निक्षय पोर्टल पर क्षय रोगियों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए प्राइवेट चिकित्सक सहयोग करें। डीटीओ डा. चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि प्राइवेट रोगियों की जांच को बढ़ाया जाए। अब सरकार भी डीबीटी के जरिए प्राइवेट चिकित्सकों को प्रति मरीज 600 रुपये का भुगतान करेगी।
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आईएमए के सचिव डा. आशुतोष गुप्ता ने सभी चिकित्सकों से कार्यक्रम में सहयोग करने की अपील की। साथ ही आईएमए के अध्यक्ष डा. राजेश सक्सेना ने टीबी से लड़ने में स्वास्थ्य विभाग को मदद करने का आश्वासन दिया। पीपीएम समन्वयक आशीष पाराशरी ने कहा कि डीबीटी से चिकित्सकों को फायदा मिलेगा।
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