{"_id":"598891d34f1c1ba6718b45b7","slug":"131502122451-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद रहे मंदिरों के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद रहे मंदिरों के कपाट
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
चंद्रग्रहण के सूतक लगने से मंदिरों के पट रहे बंद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। चंद्रग्रहण पड़ने से पूर्व सोमवार दोपहर एक बजकर 29 मिनट पर सूतक लग गए। इससे डेढ़ घंटे पूर्व शहर के प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। शहर के प्रमुख मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी ने बताया कि चंद्रग्रहण से नौ घंटे पूर्व मंदिर के पट बंद कर दिए गए। चंद्रग्रहण सोमवार रात 10 बजकर 29 मिनट से प्रारंभ हुआ और 12 बजकर 22 मिनट पर मोक्ष शुद्धि काल होगा।
चंद्र्रग्रहण के कारण सोमवार शाम को भी मंदिरों के पट नहीं खुले। रावली महादेव, पृथ्वीनाथ, राजेश्वर, कैलाश महादेव, चामुंडा देवी, द्वारकाधीश मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, नव दुर्गा मंदिर सहित जिले के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। पंडित दिनेश गुरु ने बताया कि ग्रहण काल के दौरान भजन कीर्तन का दौर चला और तंत्र साधना करने वालों ने चंद्रग्रहण के दौरान तंत्र मंत्र की साधना की। अधिकांश मंदिर मंगलवार सुबह सुबह ब्रह्म मुहूर्त पर खुले।
विज्ञापन
चंद्र्रग्रहण के कारण सोमवार शाम को भी मंदिरों के पट नहीं खुले। रावली महादेव, पृथ्वीनाथ, राजेश्वर, कैलाश महादेव, चामुंडा देवी, द्वारकाधीश मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, नव दुर्गा मंदिर सहित जिले के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। पंडित दिनेश गुरु ने बताया कि ग्रहण काल के दौरान भजन कीर्तन का दौर चला और तंत्र साधना करने वालों ने चंद्रग्रहण के दौरान तंत्र मंत्र की साधना की। अधिकांश मंदिर मंगलवार सुबह सुबह ब्रह्म मुहूर्त पर खुले।
विज्ञापन