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पुलिस को 72 घंटे में बनाने होंगे 15,000 मित्र
Updated Mon, 07 Aug 2017 09:37 PM IST
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पुलिस
- फोटो : demo pic
आगरा। जिला पुलिस को अगले तीन दिन के भीतर कम से कम 15 हजार मित्र बनाने हैं। इनके नाम, पते, मोबाइल नंबर रजिस्टर में लिखने हैं। साथ ही यह ब्योरा भी देना है कि इनकी छवि कैसी है। ये क्या काम करते हैं। इसकी पड़ताल भी करनी है कि इनके खिलाफ कोई केस तो दर्ज नहीं है? शासन ने पुलिस मित्र योजना को प्राथमिकता पर ले लिया है। इसके चलते पुलिस सारे काम छोड़कर अपने मित्र ढूंढने में लगी है। एक महीने में 50 फीसदी काम हो पाया है। पुलिस मित्रों को 15 अगस्त को आईकार्ड भी जारी किए जाने हैं।
यह व्यवस्था ठीक उसी तर्ज है पर जैसे पहले एसपीओ हुआ करते थे। उनकी संख्या कम थी। इनकी ज्यादा रखी गई है। हर सिपाही को कम से कम 10 मित्र बनाने का लक्ष्य दिया गया है। जिले में लगभग 3000 सिपाही हैं। इस तरह 30000 पुलिस मित्र बनाए जाने हैं। योजना एक महीने से चल रही है।
अभी तक 15000 बन चुके हैं। अब टारगेट दिया गया है कि 10 अगस्त तक इतने ही और मित्र बनाने हैं। इसके चलते पुलिसकर्मी सारे काम छोड़कर मित्रों की सूची बनाने में लगे हैं। इनमें गांव के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, पूर्व प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, चाय विक्रेता को भी मित्र बनाना है।
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जो जरूरत पर काम आ सके
योजना का मकसद जरूरत पर जनता की मदद हासिल करना है। अगर कहीं कोई बवाल हो जाए तो पुलिस के ये मित्र सहयोग के लिए आगे आएं। मित्र उन्हें ही बनाया जाना है जिनकी आस पास के लोग सुनते हों। पुलिस को उम्मीद है कि इन योजना का अपराध नियंत्रण में भी असर रहेगा।
पुलिस मित्र योजना पर तेजी से काम चल रहा है। शहर में 50 फीसदी काम हो चुका है। सोमवार को इसकी समीक्षा की गई है। सभी थानेदारों को लक्ष्य दिया गया है कि दस अगस्त तक पूरी सूची तैयार कर ली जाएगी। आईकार्ड जारी करने का काम 15 अगस्त से होगा।
- कुंवर अनुपम सिंह, एसपी सिटी
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यह व्यवस्था ठीक उसी तर्ज है पर जैसे पहले एसपीओ हुआ करते थे। उनकी संख्या कम थी। इनकी ज्यादा रखी गई है। हर सिपाही को कम से कम 10 मित्र बनाने का लक्ष्य दिया गया है। जिले में लगभग 3000 सिपाही हैं। इस तरह 30000 पुलिस मित्र बनाए जाने हैं। योजना एक महीने से चल रही है।
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अभी तक 15000 बन चुके हैं। अब टारगेट दिया गया है कि 10 अगस्त तक इतने ही और मित्र बनाने हैं। इसके चलते पुलिसकर्मी सारे काम छोड़कर मित्रों की सूची बनाने में लगे हैं। इनमें गांव के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, पूर्व प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, चाय विक्रेता को भी मित्र बनाना है।
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जो जरूरत पर काम आ सके
योजना का मकसद जरूरत पर जनता की मदद हासिल करना है। अगर कहीं कोई बवाल हो जाए तो पुलिस के ये मित्र सहयोग के लिए आगे आएं। मित्र उन्हें ही बनाया जाना है जिनकी आस पास के लोग सुनते हों। पुलिस को उम्मीद है कि इन योजना का अपराध नियंत्रण में भी असर रहेगा।
पुलिस मित्र योजना पर तेजी से काम चल रहा है। शहर में 50 फीसदी काम हो चुका है। सोमवार को इसकी समीक्षा की गई है। सभी थानेदारों को लक्ष्य दिया गया है कि दस अगस्त तक पूरी सूची तैयार कर ली जाएगी। आईकार्ड जारी करने का काम 15 अगस्त से होगा।
- कुंवर अनुपम सिंह, एसपी सिटी