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Agra News: 12 साल बाद साबित हुआ... गलती आरोपी की नहीं, सिस्टम की थी

Sat, 03 Jan 2026 02:41 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sat, 03 Jan 2026 02:41 AM IST
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12 years later, it was proven that the fault was not of the accused, but of the system.
आगरा। नाम की एक गलती और पुलिस की भारी लापरवाही ने थाना अछनेरा क्षेत्र के गांव साही के 73 वर्षीय किसान तुहीराम पुत्र मोहन सिंह को 12 साल तक अदालतों के चक्कर कटवाए। असली आरोपी कोई और था लेकिन पुलिस ने दूसरे व्यक्ति को आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल कर दी। आखिरकार विशेष न्यायाधीश (आर्थिक अपराध) की अदालत ने निर्दोष किसान को बरी कर दिया।
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थाना अछनेरा में दर्ज केस के अनुसार विद्युत विभाग के अवर अभियंता ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 22 नवंबर 2012 को विद्युत बिल का भुगतान नहीं करने पर गांव साही में कुछ कनेक्शन काट दिए गए थे। इसके बाद कुछ लोग कटिया डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। 29 नवंबर 2012 को उन्होंने टीम के साथ चेकिंग की तो लोग विद्युत चोरी करते पकड़े गए। उनकी तहरीर पर 138 (बी) विद्युत अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ। पुलिस ने भी विवेचना के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिए। विद्युत विभाग की टीम ने चोरी करते हुए तुहीराम पुत्र मोना राम को पकड़ा था। पुलिस ने निर्दोष तुहीराम पुत्र मोहन सिंह का नाम आरोप पत्र में लिखकर उन्हें आरोपी बना दिया।
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बुढ़ापे में करा दी बदनामी

73 साल के तुहीराम ने बताया कि 2007 में ही उन्होंने अपने नाम का कनेक्शन कटवाकर अपने बेटे कृष्णा के नाम से कनेक्शन करा दिया था। उनके नाम पर कोई बिजली बिल भी बकाया नहीं था। 2012 में जब मुकदमा दर्ज हुआ, तब तक उन्हें कुछ नहीं पता था। अदालत को नोटिस आते ही उनके होश उड़ गए। वह नोटिस लेकर पुलिस, विद्युत विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में खुद बेगुनाह साबित करने के लिए भटकते रहे। मगर किसी ने सुनवाई नहीं की। पूरे का गांव में मुकदमे की वजह से बदनामी हो गई।
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पुलिस की लापरवाही मोनाराम की जगह मोहन सिंह

विद्युत विभाग ने तहरीर में स्पष्ट रूप से तुहीराम पुत्र मोनाराम का नाम लिखा था। लेकिन विवेचना के दौरान पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए गांव के ही दूसरे व्यक्ति तुहीराम पुत्र मोहन सिंह को आरोपी बना दिया और अदालत में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।



अदालत का फैसला: निर्दोष बरी

अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि पुलिस ने गलत व्यक्ति को आरोपी बनाया था। अदालत ने तुहीराम पुत्र मोहन सिंह को बाइज्जत बरी करने के आदेश दिए। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्युत विभाग असली आरोपी (तुहीराम पुत्र मोनाराम) के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।




बुजुर्ग का छलका दर्द

मैंने 2007 में ही अपना कनेक्शन कटवाकर बेटे के नाम नया कनेक्शन ले लिया था। बेगुनाह होने के बावजूद बुढ़ापे में अपमान झेलना पड़ा और जमा-पूंजी भी खर्च हो गई। अब मेरा खोया हुआ समय और सम्मान कौन लौटाएगा ?
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