{"_id":"5cacc968bdec2214757c5f8f","slug":"11554827624-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हजारों छात्रों के खातों में पहुंचे 10.87 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हजारों छात्रों के खातों में पहुंचे 10.87 करोड़
विज्ञापन
100 का नोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। पहली बार मिली छात्रवृत्ति से लाभार्थियों में खुशी है। लाभार्थियों ने कहा कि सही समय पर मिली राशि के चलते इसका सदुपयोग हो सका। इस वर्ष जिले में पिछड़े वर्ग के 28035 छात्र आवेदकों को 10.87 करोड़ की छात्रवृत्ति वितरित की गई है।
दो लाख की आय सीमा के बाद छात्रवृत्ति आवेदकों की संख्या बढ़ने के साथ ही लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ गई है। सवाधिक राहत सही समय पर राशि खातों में पहुंचने से मिली है। मजदूर परिवार के छात्र प्रशांत साहू, जयकिरन एवं किसान दीप चंद्र, रोशन सिंह आदि का कहना है कि इस बार की छात्रवृत्ति का सदुपयोग परीक्षा एवं पढ़ाई में हो सका है। अब तक छात्रवृत्ति परीक्षा के बाद ही खातों में आती थी। इस वर्ष पूर्व दशम के 10233 आवेदकों को 205.34 लाख एवं दशमोत्तर के 17802 आवेदकों को 881.54 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई।
मेरिट से हुआ चयन
छात्रवृत्ति का लाभ मेरिट के आधार पर दिया गया। आईटीआई और अन्य तकनीकी कोर्स के आवेदकों को 55.4 फीसदी, बीए-बीएससी-बीकॉम, बीएड-बीटीसी एवं डीएलएड आवेदकों एवं कक्षा ग्यारह बारह के 60 फीसदी तक अंक पाने वाले आवेदकों के खातों में छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
विज्ञापन
तीन स्तरीय जांच के बाद भी त्रुटियां
इस बार भी गलत खाता नंबर, आय-जाति प्रमाणपत्रों की गलतियों के चलते विभिन्न कक्षाओं के दो हजार से अधिक आवेदन निरस्त हुए हैं। दर्जनों आवेदनों में फर्जी आय प्रमाणपत्रों की शिकायतें रहीं। पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय के अनुसार 1142 आवेदन डिग्री कक्षाओं एवं 750 आवेदन कक्षा ग्यारह-बारह के निरस्त हुए हैं।
शासन की नीति के अनुसार इस बार छात्रवृत्ति भुगतान अन्य वर्षों की तुलना में पहले किया गया है। मेरिट के आधा पर चयनित 28035 लाभार्थियों के खातों में 10 करोड़ 86 लाख 88 हजार रुपये की छात्रवृत्ति भेजी जा चुकी है।
-डोली सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
दो लाख की आय सीमा के बाद छात्रवृत्ति आवेदकों की संख्या बढ़ने के साथ ही लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ गई है। सवाधिक राहत सही समय पर राशि खातों में पहुंचने से मिली है। मजदूर परिवार के छात्र प्रशांत साहू, जयकिरन एवं किसान दीप चंद्र, रोशन सिंह आदि का कहना है कि इस बार की छात्रवृत्ति का सदुपयोग परीक्षा एवं पढ़ाई में हो सका है। अब तक छात्रवृत्ति परीक्षा के बाद ही खातों में आती थी। इस वर्ष पूर्व दशम के 10233 आवेदकों को 205.34 लाख एवं दशमोत्तर के 17802 आवेदकों को 881.54 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई।
विज्ञापन
मेरिट से हुआ चयन
छात्रवृत्ति का लाभ मेरिट के आधार पर दिया गया। आईटीआई और अन्य तकनीकी कोर्स के आवेदकों को 55.4 फीसदी, बीए-बीएससी-बीकॉम, बीएड-बीटीसी एवं डीएलएड आवेदकों एवं कक्षा ग्यारह बारह के 60 फीसदी तक अंक पाने वाले आवेदकों के खातों में छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
विज्ञापन
तीन स्तरीय जांच के बाद भी त्रुटियां
इस बार भी गलत खाता नंबर, आय-जाति प्रमाणपत्रों की गलतियों के चलते विभिन्न कक्षाओं के दो हजार से अधिक आवेदन निरस्त हुए हैं। दर्जनों आवेदनों में फर्जी आय प्रमाणपत्रों की शिकायतें रहीं। पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय के अनुसार 1142 आवेदन डिग्री कक्षाओं एवं 750 आवेदन कक्षा ग्यारह-बारह के निरस्त हुए हैं।
शासन की नीति के अनुसार इस बार छात्रवृत्ति भुगतान अन्य वर्षों की तुलना में पहले किया गया है। मेरिट के आधा पर चयनित 28035 लाभार्थियों के खातों में 10 करोड़ 86 लाख 88 हजार रुपये की छात्रवृत्ति भेजी जा चुकी है।
-डोली सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी