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ताज बचाने को प्रदूषण पर शिकंजा, भट्ठियों में धधक रहा कोयला
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:55 PM IST
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फिरोजाबाद। ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए बड़ी कवायद हो रही है। ताज संरक्षित जोन में कोयले पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट में कोयला खपाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित टीम ने कोयले का प्रयोग करने वाली इकाईयां चिन्हित करनी शुरू कर दी हैं। अभी तक 250 से अधिक इकाईयां चिन्हित हुई हैं जहां भट्ठियां कोयले से धधक रही हैं।
टीटीजेड में बढ़ते प्रदूषण और ताजमहल के रखरखाव को लेकर एमसी मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने गत माह सुनवाई के दौरान निर्देश दिए थे कि टीटीजेड में संचालित सभी कैटेगरी की प्रदूषणकारी इकाइयों का सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी जाए। मंडलायुक्त ने सभी केटेगिरी की श्रेणी की प्रदूषणकारी इकाइयों का सर्वे कराने के लिए डीएम को निर्देश दिए।
डीएम नेहा शर्मा ने प्रदूषणकारी इकाइयों के सर्वे के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं। चारों टीमें अलग-अलग कांच इकाइयों, होटल, रेस्टोरेंट, हास्पिटल का सर्वे कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेंगी। सर्वे के लिए टीम में उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
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सात दिन में सर्वे पूरा करना है। 25 सितंबर से पहले रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होगी। जिला प्रशासन ने जनपद में कराए सर्वे में अभीतक 250 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम, धर्मशालाएं, ढाबे चिन्हित किए हैं। इसमें दर्जनों ऐसे मैरिज होम, धर्मशालाएं, ढाबे, शामिल हैं, जहां कोयले से भट्ठियां सुलग रही हैं।
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टीटीजेड में बढ़ते प्रदूषण और ताजमहल के रखरखाव को लेकर एमसी मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने गत माह सुनवाई के दौरान निर्देश दिए थे कि टीटीजेड में संचालित सभी कैटेगरी की प्रदूषणकारी इकाइयों का सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी जाए। मंडलायुक्त ने सभी केटेगिरी की श्रेणी की प्रदूषणकारी इकाइयों का सर्वे कराने के लिए डीएम को निर्देश दिए।
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डीएम नेहा शर्मा ने प्रदूषणकारी इकाइयों के सर्वे के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं। चारों टीमें अलग-अलग कांच इकाइयों, होटल, रेस्टोरेंट, हास्पिटल का सर्वे कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेंगी। सर्वे के लिए टीम में उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
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सात दिन में सर्वे पूरा करना है। 25 सितंबर से पहले रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होगी। जिला प्रशासन ने जनपद में कराए सर्वे में अभीतक 250 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम, धर्मशालाएं, ढाबे चिन्हित किए हैं। इसमें दर्जनों ऐसे मैरिज होम, धर्मशालाएं, ढाबे, शामिल हैं, जहां कोयले से भट्ठियां सुलग रही हैं।