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परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार, विकास का बंटाधार
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:04 PM IST
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परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार, विकास का बंटाधार
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। बाईपास, फोरलेन और मेडिकल कॉलेज के नाम पर जिले में चुनावी दांव चलने की तैयारी में लगी सत्ता को प्रशासनिक अधिकारी झटका दे रहे हैं। जिले में पिछले दिनों तेजी से रफ्तार पकड़ने वाली परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है। विकास के नाम पर जिले के वोट बैंक को बटोरने की तैयारी को सरकारी तंत्र पलीता लगाने में जुटा है। कब्जों के फेर में फंसी परियोजनाएं अनदेखी के चलते लटक गई हैं। पढ़िए रिपोर्ट...
अधिग्रहित भूमि से कब्जा हटाना चुनौती
जिले में 25 एकड़ जमीन मेें मेडिकल कॉलेज का निर्माण होना है। इसके लिए गांधी स्मारक इंटर कॉलेज 16.64 एकड़ जमीन पीएसी रोड पर और आठ एकड़ जमीन जिला अस्पताल में चयनित की गई है। बताया जाता है कि पीएसी के पास स्थित जमीन पर कब्जा है, जिसे हटवाने में प्रशासन अब तक नाकाम रहा है। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों कब्जा हटवाने पहुंचे प्रशासन को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था। वहीं जिला अस्पताल में जगह चयन के बाद पहले से बनी इमारतों के ध्वस्तीकरण का काम भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। जबकि 22 जुलाई को एटा के दो दिवसीय दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जल्द ही मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने के लिए जनता से वादा किया है। मगर प्रशासनिक अनदेखी के चलते सीएम और सरकार की मंशा को पलीता लगता नजर आ रहा है।
विवादित मामलों की फाइलें अटकी
अब बात करते हैं बाईपास और फोरलेन निर्माण की। जिले से गुजर रहे एचएन 91 पर बन रहे 11 किमी लंबे बाईपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। प्रशासन ने 180 करोड़ रुपये में से 168 करोड़ रुपये का मुआवजा भी बांट दिया है। शेष बचे 12 करोड़ रुपये के मुआवजे के हकदारों के मामले कोर्ट में होने से मुआवजे को जमा कर दिया गया है। कोर्ट से फैसला होने के बाद लाभार्थी को तय दर के हिसाब से मुआवजा दे दिया जाएगा। बताया जाता है कि इन विवादित मामलों की फाइलें अटकने से काम में देरी हो रही है। वहीं कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक ने प्लांट लगाने के लिए जमीन का चयन कर लिया है। मगर काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में देरी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
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इनका कहना है
बाईपास निर्माण का काम जल्द शुरू होने वाला है। विवादित मामले हल होते ही काम पूरी तरह से शुरू हो जाएगा। कार्यदायी संस्था आ गई है। प्लांट तैयार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज को लेकर भी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
महेंद्र सिंह तंवर, ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम, एटा सदर
आंकड़ों पर नजर
16.44 एकड़ में होगा मेडिकल कॉलेज का निर्माण
8 एकड़ जमीन जिला अस्पताल में की गई चिन्ह्ति
11 किमी लंबा बनाया जाना है बाईपास
168 करोड़ का बांटा गया किसानों को मुआवजा परियोजना की खबर का जोड़
छोटी परियोजनाएं भी अधर में
शहर के जिला अस्पताल में बन रही मेटरनिटी विंग का काम भी अधर में है। 174 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अस्पताल में निर्माण का अब तक 69 फीसद काम ही पूरा हुआ है। जबकि अब तक इसे बनकर तैयार हो जाना चाहिए था। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में चल रहीं 110 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाओं पर 66 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जबकि महज 7.14 फीसद काम पूरा हो सका है।
ये है परियोजनाओं का हाल (लागत करोड़ में)
परियोजना लागत प्रगति कार्य पूर्ण होना था
इंदिरा आवास भूतेश्वर 3.5 87.46 दिसंबर 2017
इंदिरा आवास अवागढ़ 3.5 88.30 दिसंबर 2017
राजकीय डिग्री कालेज तरगवां 117 63.71 अक्तूबर 2017
स्पोर्ट्स स्टेडियम अलीगंज 8.1 82.72 अगस्त 2017
आश्रम पद्धति स्कूल कपरेटा 127 92.33 जून 2017
कोसमा पेयजल परियोजना 1.5 27.00 मार्च 2018
बरई पेयजल परियोजना 6.6 28.45 मार्च 2018
बालिका छात्रावास डायट 1.7 88.11 -------
समेकित विद्यालय जलेसर 175 21.14 दिसंबर 2018
महिला डिग्री कालेज भरपुरा 104 43.06 दिसंबर 2017
ट्रांजिस्ट हॉस्टल 4.7 25.07 --------
मेटरनिटी विंग 174 69.19 -------------
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अधिग्रहित भूमि से कब्जा हटाना चुनौती
जिले में 25 एकड़ जमीन मेें मेडिकल कॉलेज का निर्माण होना है। इसके लिए गांधी स्मारक इंटर कॉलेज 16.64 एकड़ जमीन पीएसी रोड पर और आठ एकड़ जमीन जिला अस्पताल में चयनित की गई है। बताया जाता है कि पीएसी के पास स्थित जमीन पर कब्जा है, जिसे हटवाने में प्रशासन अब तक नाकाम रहा है। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों कब्जा हटवाने पहुंचे प्रशासन को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था। वहीं जिला अस्पताल में जगह चयन के बाद पहले से बनी इमारतों के ध्वस्तीकरण का काम भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। जबकि 22 जुलाई को एटा के दो दिवसीय दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जल्द ही मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने के लिए जनता से वादा किया है। मगर प्रशासनिक अनदेखी के चलते सीएम और सरकार की मंशा को पलीता लगता नजर आ रहा है।
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विवादित मामलों की फाइलें अटकी
अब बात करते हैं बाईपास और फोरलेन निर्माण की। जिले से गुजर रहे एचएन 91 पर बन रहे 11 किमी लंबे बाईपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। प्रशासन ने 180 करोड़ रुपये में से 168 करोड़ रुपये का मुआवजा भी बांट दिया है। शेष बचे 12 करोड़ रुपये के मुआवजे के हकदारों के मामले कोर्ट में होने से मुआवजे को जमा कर दिया गया है। कोर्ट से फैसला होने के बाद लाभार्थी को तय दर के हिसाब से मुआवजा दे दिया जाएगा। बताया जाता है कि इन विवादित मामलों की फाइलें अटकने से काम में देरी हो रही है। वहीं कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक ने प्लांट लगाने के लिए जमीन का चयन कर लिया है। मगर काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में देरी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
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इनका कहना है
बाईपास निर्माण का काम जल्द शुरू होने वाला है। विवादित मामले हल होते ही काम पूरी तरह से शुरू हो जाएगा। कार्यदायी संस्था आ गई है। प्लांट तैयार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज को लेकर भी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
महेंद्र सिंह तंवर, ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम, एटा सदर
आंकड़ों पर नजर
16.44 एकड़ में होगा मेडिकल कॉलेज का निर्माण
8 एकड़ जमीन जिला अस्पताल में की गई चिन्ह्ति
11 किमी लंबा बनाया जाना है बाईपास
168 करोड़ का बांटा गया किसानों को मुआवजा परियोजना की खबर का जोड़
छोटी परियोजनाएं भी अधर में
शहर के जिला अस्पताल में बन रही मेटरनिटी विंग का काम भी अधर में है। 174 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अस्पताल में निर्माण का अब तक 69 फीसद काम ही पूरा हुआ है। जबकि अब तक इसे बनकर तैयार हो जाना चाहिए था। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में चल रहीं 110 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाओं पर 66 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जबकि महज 7.14 फीसद काम पूरा हो सका है।
ये है परियोजनाओं का हाल (लागत करोड़ में)
परियोजना लागत प्रगति कार्य पूर्ण होना था
इंदिरा आवास भूतेश्वर 3.5 87.46 दिसंबर 2017
इंदिरा आवास अवागढ़ 3.5 88.30 दिसंबर 2017
राजकीय डिग्री कालेज तरगवां 117 63.71 अक्तूबर 2017
स्पोर्ट्स स्टेडियम अलीगंज 8.1 82.72 अगस्त 2017
आश्रम पद्धति स्कूल कपरेटा 127 92.33 जून 2017
कोसमा पेयजल परियोजना 1.5 27.00 मार्च 2018
बरई पेयजल परियोजना 6.6 28.45 मार्च 2018
बालिका छात्रावास डायट 1.7 88.11 -------
समेकित विद्यालय जलेसर 175 21.14 दिसंबर 2018
महिला डिग्री कालेज भरपुरा 104 43.06 दिसंबर 2017
ट्रांजिस्ट हॉस्टल 4.7 25.07 --------
मेटरनिटी विंग 174 69.19 -------------