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आईएएस बनना है टॉपरों का सपना
Updated Sat, 26 May 2018 11:03 PM IST
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आईएएस बनना है टॉपरों का सपना
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। बारहवीं में बेहतर अंक मिलने के बाद उम्मीदें बढ़ गई हैं। भविष्य को संवारने के लिए विद्यार्थियों ने सपने संजो लिए हैं। कोई आईएएस, तो कोई इंजीनियर बनने का ख्वाब मन में पाले हुए है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम टॉपरों के दिल में बसे हुए हैं। आइए जानते हैं जिले के टॉपरों के बारे में...
व्यापारी की बिटिया बनी टॉपर
जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा और टॉपर नतज्ञा पॉल को 96.8 फीसद अंक मिले हैं। शाजहांपुर निवासी नतग्या आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करती हैं। शाहजहांपुर के व्यापारी रमेश चंद्र पॉल की बिटिया नतज्ञा आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय गुरुओं और परिवार को देती हैं। नोबेल पढने की शौकीन नतज्ञा पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श और नरेंद्र मोदी को पसंदीदा नेता मानती हैं। वे कहती हैं कि लगन और मेहनत से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। कला वर्ग में नतग्या को इतिहास में 100 अंक प्राप्त हुए हैं।
दिव्यांश का सपना इंजीनियर बनना
दूसरे स्थान पर रहे शहर के अरुणा नगर निवासी अधिवक्ता अतुल उपाध्याय के पुत्र दिव्यांश इंजीनियर बनना चाहते हैं। असीसी कान्वेंट के छात्र दिव्यांश उपाध्याय को घूमना और क्रिकेट खेलना पसंद है। दिव्यांश बताते हैं कि उन्होंने परीक्षा के दौरान ज्यादा पढ़ाई नहीं की। स्मार्ट तरीके से पढ़ाई से उन्होंने मुकाम हासिल किया है। दिव्यांश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद हैं। उन्होंने भौतिक विज्ञान में सबसे ज्यादा 99 अंक प्राप्त किए हैं। दिव्यांश की मां रंजना उपाध्याय परिषदीय विद्यालय छितौनी में प्रधानाध्यापिका हैं।
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कारगिल शहीद के बेटे ने रोशन किया नाम
जिले में दूसरे स्थान पर रहे ट्यूलिप स्कूल के विशाल बाबू की कहानी थोड़ी अलग है। कारगिल युद्ध में शहीद सैनिक अनिल कुमार के पुत्र विशाल बाबू ने परिवार का नाम रोशन किया है। उनकी मां सर्वेश देवी ने पेंशन के जरिए विशाल कों पढ़ाया। विशाल के टॉप करने की खुशी की खबर से मां की आंखें भर गईं। विशाल बताते हैं कि उनके जन्म से पांच महीने पहले पिता कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। मां ने कड़ी मेहनत कर उनको पढ़ाया। आईएएस बनने की तमन्ना पाले विशाल पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श मानते हैं। वे बताते हैं कि कलाम साहब की किताब विंग्स ऑफ फायर ने उनको काफी प्रेरित किया। पढ़ने और कार्टून देखने के शौकीन विशाल ने अर्थशास्त्र में 100 अंक प्राप्त किए हैं।
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व्यापारी की बिटिया बनी टॉपर
जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा और टॉपर नतज्ञा पॉल को 96.8 फीसद अंक मिले हैं। शाजहांपुर निवासी नतग्या आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करती हैं। शाहजहांपुर के व्यापारी रमेश चंद्र पॉल की बिटिया नतज्ञा आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय गुरुओं और परिवार को देती हैं। नोबेल पढने की शौकीन नतज्ञा पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श और नरेंद्र मोदी को पसंदीदा नेता मानती हैं। वे कहती हैं कि लगन और मेहनत से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। कला वर्ग में नतग्या को इतिहास में 100 अंक प्राप्त हुए हैं।
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दिव्यांश का सपना इंजीनियर बनना
दूसरे स्थान पर रहे शहर के अरुणा नगर निवासी अधिवक्ता अतुल उपाध्याय के पुत्र दिव्यांश इंजीनियर बनना चाहते हैं। असीसी कान्वेंट के छात्र दिव्यांश उपाध्याय को घूमना और क्रिकेट खेलना पसंद है। दिव्यांश बताते हैं कि उन्होंने परीक्षा के दौरान ज्यादा पढ़ाई नहीं की। स्मार्ट तरीके से पढ़ाई से उन्होंने मुकाम हासिल किया है। दिव्यांश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद हैं। उन्होंने भौतिक विज्ञान में सबसे ज्यादा 99 अंक प्राप्त किए हैं। दिव्यांश की मां रंजना उपाध्याय परिषदीय विद्यालय छितौनी में प्रधानाध्यापिका हैं।
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कारगिल शहीद के बेटे ने रोशन किया नाम
जिले में दूसरे स्थान पर रहे ट्यूलिप स्कूल के विशाल बाबू की कहानी थोड़ी अलग है। कारगिल युद्ध में शहीद सैनिक अनिल कुमार के पुत्र विशाल बाबू ने परिवार का नाम रोशन किया है। उनकी मां सर्वेश देवी ने पेंशन के जरिए विशाल कों पढ़ाया। विशाल के टॉप करने की खुशी की खबर से मां की आंखें भर गईं। विशाल बताते हैं कि उनके जन्म से पांच महीने पहले पिता कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। मां ने कड़ी मेहनत कर उनको पढ़ाया। आईएएस बनने की तमन्ना पाले विशाल पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श मानते हैं। वे बताते हैं कि कलाम साहब की किताब विंग्स ऑफ फायर ने उनको काफी प्रेरित किया। पढ़ने और कार्टून देखने के शौकीन विशाल ने अर्थशास्त्र में 100 अंक प्राप्त किए हैं।