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मेहमान परिंदों से गुलजार हुआ पक्षी विहार
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:52 PM IST
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पटना पक्षी विहार
- फोटो : अमर उजाला
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जलेसर। जिले का एकमात्र पर्यटन स्थल पटना पक्षी विहार इन दिनों मेहमान परिंदों से गुलजार है। सर्दियां शुरू होते ही पक्षी विहार में विदेशी पक्षियों का पहुंचना शुरू हो गया है। हालांकि मौसम को देखते हुए पक्षियों की तादाद अभी काफी कम है, लेकिन पर्यटकों को विदेशी पक्षियों का दीदार काफी लुभा रहा है।
सर्द मौसम में हर साल जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग पर स्थित पटना पक्षी विहार में देश-विदेशों से हजारों पक्षी विहार में आते हैं। इस बार भी पक्षियों की आमद हो गई है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले तादाद अभी कम है। विहार में अब तक महज 30-35 हजार पक्षी ही जुट पाए हैं।
पर्यटन स्थल पटना पक्षी विहार की विशाल झील के पानी में सूर्य की किरणों के बीच हजारों पक्षियों का कलरव और झील के चारों ओर खजूर के पेड़ों से घिरा नजारा गोवा जैसे मनोरंजन को कायम करता है। यह आकर्षण इस बार भी पर्यटकों को पक्षी विहार आने को मजबूर कर रहा है।
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दरअसल पिछले दो सालों से सर्दी न पड़ने और विशाल झील मे पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने से पक्षी विहार में प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की संख्या मे गिरावट आई है। पक्षी विहार में वर्ष 2012 से 2015 तक सर्दी अच्छी पड़ने से पक्षियो की संख्या लाखों मे पहुंची थी। वहीं इस बार अब तक मात्र हजारों की संख्या मे ही पक्षी जुट पाए हैं।
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उपेक्षा का शिकार है पर्यटक स्थल
जिले का एकमात्र पटना पक्षी विहार प्रशासन की उपेक्षा का भी शिकार है। पिछले कई वर्षों से विकास परक योजनाओं के लिए भी कोई धन प्राप्त नहीं होने से विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। पर्यटन स्थल पहुंचने के लिए मार्ग का निर्माण तो हो गया है, मगर पक्षियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।
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अब तक इन प्रजातियों के पक्षी
पटना पक्षी विहार में मौजूदा समय में कामन टील, विसलिंग, ग्रेलेक गूज, कारमोरेट, सारस, स्पून बिल आदि सैैकड़ों प्रजाति के पक्षी विहार आ चुके हैं।
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इच्छेश्वर महादेव है आस्था का केंद्र
पर्यटक स्थल मे जहां विशाल झील, प्रवासी अप्रवासी पक्षियों, विशाल खजूर के पेड़ों की झाड़ी के साथ साथ महाभारत काल के इच्छेश्वर महादेव की विशाल शिव लिंग भी आकर्षण का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि भगवान के शिव लिंग को जो भक्त आलिंगन कर लेते हैं, उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।
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सर्द मौसम में हर साल जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग पर स्थित पटना पक्षी विहार में देश-विदेशों से हजारों पक्षी विहार में आते हैं। इस बार भी पक्षियों की आमद हो गई है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले तादाद अभी कम है। विहार में अब तक महज 30-35 हजार पक्षी ही जुट पाए हैं।
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पर्यटन स्थल पटना पक्षी विहार की विशाल झील के पानी में सूर्य की किरणों के बीच हजारों पक्षियों का कलरव और झील के चारों ओर खजूर के पेड़ों से घिरा नजारा गोवा जैसे मनोरंजन को कायम करता है। यह आकर्षण इस बार भी पर्यटकों को पक्षी विहार आने को मजबूर कर रहा है।
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दरअसल पिछले दो सालों से सर्दी न पड़ने और विशाल झील मे पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने से पक्षी विहार में प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की संख्या मे गिरावट आई है। पक्षी विहार में वर्ष 2012 से 2015 तक सर्दी अच्छी पड़ने से पक्षियो की संख्या लाखों मे पहुंची थी। वहीं इस बार अब तक मात्र हजारों की संख्या मे ही पक्षी जुट पाए हैं।
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उपेक्षा का शिकार है पर्यटक स्थल
जिले का एकमात्र पटना पक्षी विहार प्रशासन की उपेक्षा का भी शिकार है। पिछले कई वर्षों से विकास परक योजनाओं के लिए भी कोई धन प्राप्त नहीं होने से विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। पर्यटन स्थल पहुंचने के लिए मार्ग का निर्माण तो हो गया है, मगर पक्षियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।
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अब तक इन प्रजातियों के पक्षी
पटना पक्षी विहार में मौजूदा समय में कामन टील, विसलिंग, ग्रेलेक गूज, कारमोरेट, सारस, स्पून बिल आदि सैैकड़ों प्रजाति के पक्षी विहार आ चुके हैं।
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इच्छेश्वर महादेव है आस्था का केंद्र
पर्यटक स्थल मे जहां विशाल झील, प्रवासी अप्रवासी पक्षियों, विशाल खजूर के पेड़ों की झाड़ी के साथ साथ महाभारत काल के इच्छेश्वर महादेव की विशाल शिव लिंग भी आकर्षण का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि भगवान के शिव लिंग को जो भक्त आलिंगन कर लेते हैं, उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।