फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   लेजर की जगह संगमरमरी धरोहरों ने अपनाया ताज का मडपैक

लेजर की जगह संगमरमरी धरोहरों ने अपनाया ताज का मडपैक

Tue, 14 Nov 2017 10:50 PM IST
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:50 PM IST
विज्ञापन
लेजर की जगह संगमरमरी धरोहरों ने अपनाया ताज का मडपैक
आगरा। अत्याधुनिक तकनीक के लेजर की जगह ताज के दाग मिटाने के लिए जिस मडपैक ट्रीटमेंट को एएसआई ने अपनाया, अब दुनिया भर के स्मारक उसी मडपैक ट्रीटमेंट को अपनाकर अपने संगमरमरी स्मारकों के दाग हटाएंगे।
विज्ञापन


लेजर तकनीक से संगमरमर को पहुंच रहे नुकसान के मद्देनजर यूरोपीय देशों ने प्राकृतिक पद्वति को अपनाने पर जोर दिया है। यही नहीं, देश में भी संगमरमर से बनी इमारतों की सफाई अब ताज की तर्ज पर मडपैक से ही की जाने लगी है।
विज्ञापन


दुनिया के सातवें अजूबे के दागों को मिटाने और पीलापन हटाने के लिए दो साल से किए जा रहे मडपैक ट्रीटमेंट को अब दुनिया भर के स्मारक अपना रहे हैं। यूनेस्को के साथ कई देशों के पुरातत्व विशेषज्ञ मडपैक को जानने और परिणाम देखने के लिए ताज का दौरा कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


तकनीक की जगह अब विशेषज्ञ प्राकृतिक पद्वति को ही अपनाने की संस्त़ुति कर रहे हैं। आने वाले दिनों में दुनिया भर के स्मारकों में ताज की तरह ही मडपैक ट्रीटमेंट नजर आ सकता है।

स्वामीबाग ने अपनाया मडपैक ट्रीटमेंट

राधास्वामी मत के प्रवर्तक और प्रथम गुरू की पवित्र समाधि पर लेजर तकनीक से सफाई और दाग मिटाने की कवायद शुरू की गई थी। राधास्वामी सत्संग सभा ने इसके लिए एएसआई अधिकारियों को लेजर तकनीक के परिणाम जानने को आमंत्रित किया था, लेकिन स्वामीबाग स्थित समाधि से लेजर तकनीक को हटा दिया गया है।

लेजर से संगमरमर की सतह खुरदुरी पड़ जाने, पहली परत के लगभग जल जाने के दुष्प्रभाव के मद्देनजर सभा प्रबंधन ने मडपैक ट्रीटमेंट को ही उपयुक्त पाया। सभा अब दीवारों की सफाई और दाग मिटाने के लिए परंपरागत और प्राकृतिक मुल्तानी मिट्टी का लेप ही प्रयोग कर रही है।

‘लेजर और बायोलोजिकल तरीकों का प्रयोग यूरोप के देश कर रहे हैं, लेकिन ताजमहल के पूरी तरह से रसायन रहित मडपैक ट्रीटमेंट ने उन्हें भी इसका प्रयोग करने के लिए विकल्प दिया है।’

डा. भुवन विक्रम
अधीक्षण पुरातत्वविद

‘मुल्तानी मिट्टी और केवल पानी का प्रयोग कर ताज के दाग हटाने की यह कवायद दुनिया भर के विशेषज्ञों के लिए कौतूहल भरी है। इसके परिणाम बेहद शानदार रहे हैं। उम्मीद से कहीं ज्यादा मडपैक ट्रीटमेंट कारगर रहा है।’
डा. एमके भटनागर
अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed