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1.32 लाख बच्चों का भविष्य हो रहा चौपट, नहीं आईं पुस्तकें
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:38 PM IST
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कासगंज।
शासन की निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना वर्तमान शिक्षा सत्र में फेल हो गई है। अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। जिससे विद्यालयों में शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा। ऐसे में 1.32 लाख बच्चों का भविष्य भी चौपट हो रहा है।
नया शिक्षा सत्र अप्रैल माह से शुरू हो जाता है। ग्रीष्म अवकाश से पहले के पचास दिन बिना किताबों के ही गुजर गए, जिससे विद्यालयों में पढ़ाई नहीं हो पाई। वैसे शासन गर्मी की छुट्टियों में पाठ्य सामग्री उपलब्ध करा देता है। ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय खुलने पर एक जुलाई से पुस्तकों का वितरण शुरू हो जाता है। जिससे लगभग एक सप्ताह में सभी बच्चों के हाथों तक पुस्तकें पहुंच जाती है, लेकिन वर्तमान सत्र में स्कूल खुले 22 दिन हो चुके है। अभी तक शासन से मात्र कक्षा 6 की कुछ विषय की पुस्तकें ही उपलब्ध कराई गई हैं। अन्य कक्षाओं में एक भी किताब नहीं आई है, जिससे बच्चे बिना किताब के ही स्कूल जा रहे हैं। पाठ्य सामग्री के अभाव में विद्यालयों में भी शिक्षण कार्य नहीं हो पा रहा। बच्चे मौज मस्ती कर वापस लौट आते हैं।
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बाजार में भी नहीं आई हैं सरकारी किताबें
कासगंज। बाजार में भी सरकारी किताबों की उपलब्धता अभी तक नहीं हो पाई है। जिससे मान्यता प्राप्त विद्यालयों में भी शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अभिभावक किताबों की उपलब्धता न हो पाने से परेशान हैं।
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शासन से कुछ किताबों की उपलब्धता हुई है, जिनका वितरण शुरू करा दिया गया है। जल्द ही सभी विषयों की किताबें आने की उम्मीद है। जैसे ही किताबें उपलब्ध होंगी, इनका वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
-गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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शासन की निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना वर्तमान शिक्षा सत्र में फेल हो गई है। अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। जिससे विद्यालयों में शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा। ऐसे में 1.32 लाख बच्चों का भविष्य भी चौपट हो रहा है।
नया शिक्षा सत्र अप्रैल माह से शुरू हो जाता है। ग्रीष्म अवकाश से पहले के पचास दिन बिना किताबों के ही गुजर गए, जिससे विद्यालयों में पढ़ाई नहीं हो पाई। वैसे शासन गर्मी की छुट्टियों में पाठ्य सामग्री उपलब्ध करा देता है। ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय खुलने पर एक जुलाई से पुस्तकों का वितरण शुरू हो जाता है। जिससे लगभग एक सप्ताह में सभी बच्चों के हाथों तक पुस्तकें पहुंच जाती है, लेकिन वर्तमान सत्र में स्कूल खुले 22 दिन हो चुके है। अभी तक शासन से मात्र कक्षा 6 की कुछ विषय की पुस्तकें ही उपलब्ध कराई गई हैं। अन्य कक्षाओं में एक भी किताब नहीं आई है, जिससे बच्चे बिना किताब के ही स्कूल जा रहे हैं। पाठ्य सामग्री के अभाव में विद्यालयों में भी शिक्षण कार्य नहीं हो पा रहा। बच्चे मौज मस्ती कर वापस लौट आते हैं।
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बाजार में भी नहीं आई हैं सरकारी किताबें
कासगंज। बाजार में भी सरकारी किताबों की उपलब्धता अभी तक नहीं हो पाई है। जिससे मान्यता प्राप्त विद्यालयों में भी शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अभिभावक किताबों की उपलब्धता न हो पाने से परेशान हैं।
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शासन से कुछ किताबों की उपलब्धता हुई है, जिनका वितरण शुरू करा दिया गया है। जल्द ही सभी विषयों की किताबें आने की उम्मीद है। जैसे ही किताबें उपलब्ध होंगी, इनका वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
-गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी