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सामूहिक दुष्कर्म के दोषी प्रधान सहित तीन को 20 साल की कैद
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फिरोजाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे ने दुष्कर्म के दोषी ग्राम प्रधान सहित तीन को 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मामला थाना खैरगढ़ क्षेत्र का चार वर्ष पुराना है। 19 अक्तूबर, 2014 को थाना खैरगढ़ क्षेत्र के एक गांव की युवती शौच को गई थी। तभी उसके साथ थाना मक्खनपुर इंदुमई निवासी देवेंद्र, पवन कुमार और सुभाष ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता के भाई की तहरीर दी तो दरोगा ने फाड़कर फेंक दिया था। पुलिस ने विवेचना करके देवेंद्र सिंह के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम मृदुल दुबे की न्यायालय में हुई। अभियुक्तों ने आरोप से इंकार किया और सत्र परीक्षण की मांग की। पीड़िता के बयान के आधार पर न्यायालय ने धारा 319 के तहत पवन और सुभाष को तलब कर लिया।
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न्यायालय में तमाम गवाहों ने गवाही दी। इसमें शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र कुमार राठौर ने केस को साबित करने को हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की कई नजीरों को रखा।
अपर सत्र न्यायाधीश मृदुल दुबे नेे दोनों पक्षों के तर्क सुनने व साक्ष्यों के आधार पर ग्राम प्रधान पवन, देवेंद्र सिंह, सुभाष को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
मामला थाना खैरगढ़ क्षेत्र का चार वर्ष पुराना है। 19 अक्तूबर, 2014 को थाना खैरगढ़ क्षेत्र के एक गांव की युवती शौच को गई थी। तभी उसके साथ थाना मक्खनपुर इंदुमई निवासी देवेंद्र, पवन कुमार और सुभाष ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता के भाई की तहरीर दी तो दरोगा ने फाड़कर फेंक दिया था। पुलिस ने विवेचना करके देवेंद्र सिंह के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम मृदुल दुबे की न्यायालय में हुई। अभियुक्तों ने आरोप से इंकार किया और सत्र परीक्षण की मांग की। पीड़िता के बयान के आधार पर न्यायालय ने धारा 319 के तहत पवन और सुभाष को तलब कर लिया।
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न्यायालय में तमाम गवाहों ने गवाही दी। इसमें शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र कुमार राठौर ने केस को साबित करने को हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की कई नजीरों को रखा।
अपर सत्र न्यायाधीश मृदुल दुबे नेे दोनों पक्षों के तर्क सुनने व साक्ष्यों के आधार पर ग्राम प्रधान पवन, देवेंद्र सिंह, सुभाष को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं।