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तुलसी-शालिग्राम का कराया विवाह
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:36 PM IST
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मैनपुरी। देवोत्थान एकादशी जिलेभर में धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान जिले में दो से अधिक शादियां हुईं। वहीं घरों में देवों को जगाने के साथ उनकी पूजा-अर्चना की गई। विवाह समारोह में जमकर लोगों ने धूम मचाई।
देवोत्थान एकादशी पर सोमवार को जिले भर में घर-घर आंगन में अल्पनाएं बनाई गईं। विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। घरों में जहां देवों को जगाने का कार्य किया गया है, वहीं तुलसी विवाह आदि के कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। देवोत्थान एकादशी पर नगर में पूरे दिन गन्ना और सिंघाड़ा की खरीदारी की गई।
ऐसी मान्यता है कि देवोत्थान पर भगवान विष्णु चार महीने की नींद के बाद जागते हैं। सोमवार को घरों में तुलसी और शालिग्राम का विवाह भी कराया गया। देवोत्थान एकादशी पर नगर के आश्रम रोड स्थित लालजी आश्रम में तुलसी और शालिग्राम का विवाह कराया गया। यहां भक्तों ने विधि विधान के साथ तुलसी विवाह कार्यक्रम आयोजित किया। नगर के हरिदर्शन नगर में भी तुलसी और सालिग्राम का विवाह कराया गया।
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देवोत्थान एकादशी पर सोमवार को जिले भर में घर-घर आंगन में अल्पनाएं बनाई गईं। विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। घरों में जहां देवों को जगाने का कार्य किया गया है, वहीं तुलसी विवाह आदि के कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। देवोत्थान एकादशी पर नगर में पूरे दिन गन्ना और सिंघाड़ा की खरीदारी की गई।
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ऐसी मान्यता है कि देवोत्थान पर भगवान विष्णु चार महीने की नींद के बाद जागते हैं। सोमवार को घरों में तुलसी और शालिग्राम का विवाह भी कराया गया। देवोत्थान एकादशी पर नगर के आश्रम रोड स्थित लालजी आश्रम में तुलसी और शालिग्राम का विवाह कराया गया। यहां भक्तों ने विधि विधान के साथ तुलसी विवाह कार्यक्रम आयोजित किया। नगर के हरिदर्शन नगर में भी तुलसी और सालिग्राम का विवाह कराया गया।
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