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फर्जी ओडीएफ पर विधायक ने थपथपाई प्रशासन की पीठ
Updated Thu, 27 Sep 2018 10:32 PM IST
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फर्जी ओडीएफ पर विधायक ने थपथपाई प्रशासन की पीठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एटा। जिले में ओडीएफ के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े में जिला प्रशासन के साथ सत्ताधारी विधायक भी शामिल हो गए हैं। अधूरे शौचालयों के साथ विधायक प्रधानमंत्री के सपने को पलीता लगाकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। गुरुवार को ब्लॉक शीतलपुर को ओडीएफ घोषित करते हुए सदर विधायक ने प्रशासन की पीठ थपथपाई। जबकि हकीकत में तमाम गांवों में अब तक शौचालय बने ही नहीं हैं।
जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित करने के लिए चल रहा फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सत्ताधारी पार्टी के नेता और विधायक भी फर्जी ओडीएफ की हकीकत तलाशने की बजाय प्रशासन के कारनामे को शह दे रहे हैं। गुरुवार को ब्लॉक शीतलपुर सभागार में सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड ने शीतलपुर ब्लॉक के 121 गांवों को ओडीएफ घोषित किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधानों को प्रमाण पत्र सौंपे। साथ ही स्वच्छाग्राहियों को सम्मानित किया। जबकि हकीकत में ब्लॉक के आधे से ज्यादा गांवों में शौचालय अधूरे पड़े हैं। गुपचुप तरीके से हुए कार्यक्रम में गुप्त तरीके से ब्लॉक को ओडीएफ करने पर चर्चा का आलम है। वहीं सदर विधायक सवालों के घेरे में आ गए हैं। सवाल यह है कि साफ छवि के विधायक क्या पार्टी कर्तव्यों को पूरा करने में जनता की जरूरत से खिलवाड़ कर रहे हैं या फिर फर्जीवाड़े को रोकने की बजाय प्रशासन को खुली शह दे रहे हैं। इसे लेकर लोगों में विधायक के प्रति आक्रोश है।
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जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित करने के लिए चल रहा फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सत्ताधारी पार्टी के नेता और विधायक भी फर्जी ओडीएफ की हकीकत तलाशने की बजाय प्रशासन के कारनामे को शह दे रहे हैं। गुरुवार को ब्लॉक शीतलपुर सभागार में सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड ने शीतलपुर ब्लॉक के 121 गांवों को ओडीएफ घोषित किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधानों को प्रमाण पत्र सौंपे। साथ ही स्वच्छाग्राहियों को सम्मानित किया। जबकि हकीकत में ब्लॉक के आधे से ज्यादा गांवों में शौचालय अधूरे पड़े हैं। गुपचुप तरीके से हुए कार्यक्रम में गुप्त तरीके से ब्लॉक को ओडीएफ करने पर चर्चा का आलम है। वहीं सदर विधायक सवालों के घेरे में आ गए हैं। सवाल यह है कि साफ छवि के विधायक क्या पार्टी कर्तव्यों को पूरा करने में जनता की जरूरत से खिलवाड़ कर रहे हैं या फिर फर्जीवाड़े को रोकने की बजाय प्रशासन को खुली शह दे रहे हैं। इसे लेकर लोगों में विधायक के प्रति आक्रोश है।
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