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70 साल से बदलाव का इंतजार अभी भी बरकरार
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:38 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मैनपुरी। केंद्र की भाजपा सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में भी जिले को न तो रेल सुविधाएं बढ़ीं और न बेरोजगारी दूर करने को किसी उद्योग की संजीवनी ही मिली। 70 साल का इंतजार अभी भी बरकरार है। केंद्र सरकार के बजट से लोगों की उम्मीदें इस बार भी पूरी नहीं हो सकी हैं।
केंद्र सरकार के अंतिम बजट पर इस बार जिले के लोगों को कुछ मिलने की उम्मीद थी। सुबह से ही लोग टीवी सेट से चिपक गए। एक के बाद एक केंद्रीय वित्तमंत्री घोषणाएं करते रहे और लोग कुछ पाने के इंतजार में रहे। उनको बजट पेश होने के बाद निराशा ही हाथ लगी। बेरोजगारी दूर करने के लिए उद्योग अथवा रेल सुविधाएं की कोई सौगात नहीं मिली।
मुख्य रूट से जोड़ने की उठती रही है मांग
मैनपुरी जिला रेल रूट से सीधे तौर पर नहीं जुड़ा है। कई बार जिले को मुख्य रेल मार्ग से सीधे तौर पर जोड़ने की मांग उठती रही है।
पूर्व में तत्कालीन सांसद धर्मेंद्र यादव भी इस मांग को संसद में उठा चुके हैं। जिले के स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिल गया है, इस कारण लोग आस लगाए थे कि शायद बजट में जिले के लिए रेल सुविधाओं के विस्तार की घोषणा हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इससे लोगों को निराशा हाथ लगी है।
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उद्योग की नहीं मिली सौगात
मैनपुरी जिला उद्योग शून्य है। कई बार उद्योग लगाए जाने की मांग उठ चुकी है। हर बार लोग बजट से उद्योग की सौगात मिलने की आस लगाते हैं। इस बार भी लोगों को उम्मीद थी कि शायद जिले को उद्योग की सौगात मिल जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे आम लोगोें के साथ ही युवाओं को निराशा हाथ लगी।
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केंद्र सरकार के अंतिम बजट पर इस बार जिले के लोगों को कुछ मिलने की उम्मीद थी। सुबह से ही लोग टीवी सेट से चिपक गए। एक के बाद एक केंद्रीय वित्तमंत्री घोषणाएं करते रहे और लोग कुछ पाने के इंतजार में रहे। उनको बजट पेश होने के बाद निराशा ही हाथ लगी। बेरोजगारी दूर करने के लिए उद्योग अथवा रेल सुविधाएं की कोई सौगात नहीं मिली।
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मुख्य रूट से जोड़ने की उठती रही है मांग
मैनपुरी जिला रेल रूट से सीधे तौर पर नहीं जुड़ा है। कई बार जिले को मुख्य रेल मार्ग से सीधे तौर पर जोड़ने की मांग उठती रही है।
पूर्व में तत्कालीन सांसद धर्मेंद्र यादव भी इस मांग को संसद में उठा चुके हैं। जिले के स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिल गया है, इस कारण लोग आस लगाए थे कि शायद बजट में जिले के लिए रेल सुविधाओं के विस्तार की घोषणा हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इससे लोगों को निराशा हाथ लगी है।
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उद्योग की नहीं मिली सौगात
मैनपुरी जिला उद्योग शून्य है। कई बार उद्योग लगाए जाने की मांग उठ चुकी है। हर बार लोग बजट से उद्योग की सौगात मिलने की आस लगाते हैं। इस बार भी लोगों को उम्मीद थी कि शायद जिले को उद्योग की सौगात मिल जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे आम लोगोें के साथ ही युवाओं को निराशा हाथ लगी।