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पेड़ काटने के चक्कर में कट गई केबल, ध्वस्त हो गई संचार व्यवस्था
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पेड़ काटने के चक्कर में कट गई केबल, ध्वस्त हो गई संचार व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज। फोरलेन के लिए किए जा रहे पेड़ कटान के काम से संचार व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। वन विभाग द्वारा जेसीबी से पेड़ों की जड़े निकालने का काम किया जा रहा है गईं। केबल कटने के कारण बीएसएनएल, टाटा टेलीकॉम सहित कई कंपनियों का नेटवर्क प्रोसेसर धीमा होने से सर्वर डाउन हो गया। बरेली से टाटा टेलीकॉम एवं एटा से बीएसएनएल अधिकारियों ने कासगंज-सोरों मार्ग पर व्यवस्था सुधार को सर्वे किया है।
एटा से कासगंज के बीच 320 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का काम चल रहा है। फोरलेन के काम में बाधक बन रहे पेड़ों को काटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग को 8 करोड़ रुपये दिए। इस धनराशि से कासगंज-सोरों मार्ग पर पेड़ कटान का काम तेज गति से हो रहा है। पेड़ कटान के बाद पेड़ों की जड़ों को निर्माणदायी संस्था द्वारा मशीनों से निकलवाया जा रहा है। इससे कई टेलीकॉम कंपनियों की जमीन के नीचे बिछी केबलें कट गई हैं और उनके नेटवर्क का प्रोसेसर धीमा हो गया। इससे बीएसएनएल, टाटा टेलीकॉम, एयरटेल सहित कई नेटवर्क में समस्या उत्पन्न हो रही है। सोरों एवं नगरिया क्षेत्र के कई नेटवर्क टावर का प्रोसेसर काम नहीं कर रहा। बरेली से टाटा टेलीकॉम, एटा से बीएसएनएल के अधिकारियों ने कासगंज-सोरों रोड पर निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग पर मनमानी कर नेटवर्क व्यवस्था ध्वस्त करने का आरोप लगाया।
- फोरलेन का जो काम हो रहा है। उसमें कार्यदायी संस्था मनमानी कर रही है। नेटवर्क केबल का ध्यान नहीं दिया गया। जिससे टाटा टेलीकॉम का प्रोसेसर धीमा हो गया। संजीव कुमार, सुपरवाइजर, टाटा टेलीकॉम, बरेली।
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- सोरों रोड पर पेड़ कटान के बाद जो जड़े निकलवाई जा रहीं है। उससे बीएसएनएल की केबिलें भी कट गईं हैं, लेकिन उन केबिलों से कासगंज शहर का नेटवर्क प्रभावित नहीं है। सीडी सिंह, एसडीओ, बीएसएनएल।
- कार्यदायी संस्था द्वारा काम किया जा रहा है। प्रयास तो पूरा रहता है कि नेटवर्क केबिल न कटे, लेकिन फिर भी हो सकता है कुछ केबिलें कट गईं हों। जड़े खुदाई में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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एटा से कासगंज के बीच 320 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का काम चल रहा है। फोरलेन के काम में बाधक बन रहे पेड़ों को काटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग को 8 करोड़ रुपये दिए। इस धनराशि से कासगंज-सोरों मार्ग पर पेड़ कटान का काम तेज गति से हो रहा है। पेड़ कटान के बाद पेड़ों की जड़ों को निर्माणदायी संस्था द्वारा मशीनों से निकलवाया जा रहा है। इससे कई टेलीकॉम कंपनियों की जमीन के नीचे बिछी केबलें कट गई हैं और उनके नेटवर्क का प्रोसेसर धीमा हो गया। इससे बीएसएनएल, टाटा टेलीकॉम, एयरटेल सहित कई नेटवर्क में समस्या उत्पन्न हो रही है। सोरों एवं नगरिया क्षेत्र के कई नेटवर्क टावर का प्रोसेसर काम नहीं कर रहा। बरेली से टाटा टेलीकॉम, एटा से बीएसएनएल के अधिकारियों ने कासगंज-सोरों रोड पर निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग पर मनमानी कर नेटवर्क व्यवस्था ध्वस्त करने का आरोप लगाया।
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- फोरलेन का जो काम हो रहा है। उसमें कार्यदायी संस्था मनमानी कर रही है। नेटवर्क केबल का ध्यान नहीं दिया गया। जिससे टाटा टेलीकॉम का प्रोसेसर धीमा हो गया। संजीव कुमार, सुपरवाइजर, टाटा टेलीकॉम, बरेली।
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- सोरों रोड पर पेड़ कटान के बाद जो जड़े निकलवाई जा रहीं है। उससे बीएसएनएल की केबिलें भी कट गईं हैं, लेकिन उन केबिलों से कासगंज शहर का नेटवर्क प्रभावित नहीं है। सीडी सिंह, एसडीओ, बीएसएनएल।
- कार्यदायी संस्था द्वारा काम किया जा रहा है। प्रयास तो पूरा रहता है कि नेटवर्क केबिल न कटे, लेकिन फिर भी हो सकता है कुछ केबिलें कट गईं हों। जड़े खुदाई में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।