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सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करेगा अलीगंज
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:19 PM IST
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शांति समिति की बैठक के दृश्य
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एटा (अलीगंज)। कस्बा के लोग इस बार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करेंगे। एक ही दिन दोनों समुदायों के त्यौहार हैं। इसको लेकर एसडीएम रामदत्त की अध्यक्षता में शांति व्यवस्था को लेकर बैठक हुई। दोनों समुदायों ने एक-दूसरे के कार्यक्रम में शामिल होकर शांति से त्यौहार मनाने का फैसला किया है।
अलीगंज में प्रसिद्ध काली मंदिर पर 29 तारीख को सालों से देवी जागरण का आयोजन होता है। इसकी सजावट शाम चार बजे से शुरू हो जाती है। इसी दिन मैन बाजार काली मंदिर होते हुए ताजिए का जुलूस निकलता है। ताजिए के लिए रास्ते को बंद कर दिया जाता है। इस बार जब देवी जागरण होगा तो जुलूस कैसे निकलेगा? इसको लेकर दोनों समुदायों के बीच बैठक हुई।
सर्वसम्मति से मुस्लिम समाज के लोगों ने निर्णय लिया कि वह 29 के बजाए 30 को जुलूस निकालेंगे। हिंदू समाज के लोगों ने कहा कि वह 30 तारीख को समय से पहले ही राजतिलक कर रामलीला का समापन करेंगे। अभी तक रात को दो बजे तक झांकियां निकलती थीं। दोनों तरफ से लिए गए फैसले का सभी ने ताली बजाकर स्वागत किया। क्षेत्राधिकारी अजय भदौरिया, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, युवा भाजपा नेता बृजेश गुप्ता राजू, बसपा नेता जुनेद मियां, लड्डन मियां, विशुन चंद्र, अनिल टाटा गौरव गुप्ता, अरुण गुप्ता, लोकपाल शाक्य आदि मौजूद रहे।
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अलीगंज में प्रसिद्ध काली मंदिर पर 29 तारीख को सालों से देवी जागरण का आयोजन होता है। इसकी सजावट शाम चार बजे से शुरू हो जाती है। इसी दिन मैन बाजार काली मंदिर होते हुए ताजिए का जुलूस निकलता है। ताजिए के लिए रास्ते को बंद कर दिया जाता है। इस बार जब देवी जागरण होगा तो जुलूस कैसे निकलेगा? इसको लेकर दोनों समुदायों के बीच बैठक हुई।
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सर्वसम्मति से मुस्लिम समाज के लोगों ने निर्णय लिया कि वह 29 के बजाए 30 को जुलूस निकालेंगे। हिंदू समाज के लोगों ने कहा कि वह 30 तारीख को समय से पहले ही राजतिलक कर रामलीला का समापन करेंगे। अभी तक रात को दो बजे तक झांकियां निकलती थीं। दोनों तरफ से लिए गए फैसले का सभी ने ताली बजाकर स्वागत किया। क्षेत्राधिकारी अजय भदौरिया, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, युवा भाजपा नेता बृजेश गुप्ता राजू, बसपा नेता जुनेद मियां, लड्डन मियां, विशुन चंद्र, अनिल टाटा गौरव गुप्ता, अरुण गुप्ता, लोकपाल शाक्य आदि मौजूद रहे।
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