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कैद से आजाद हुई स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:18 AM IST
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फरह (मथुरा)।
एक साल तक कैद रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की प्रतिमा आखिरकार गांव परखम मुस्तफाबाद में शुक्रवार को पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद स्थापित कर दी गई।
फरह के गांव परखम मुस्तफाबाद के बच्चू सिंह ने बताया कि उनके बाबा गोविंदराम मंत्री स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने गांव के बाहर अपनी जमीन में अखाड़े का संचालन किया। देहांत के बाद परिजनों द्वारा उनका अतिंम संस्कार उसी अखाड़े में करने के बाद 1987 में वहां प्रतिमा स्थापित कर दी थी। उक्त अखाड़े के पास कॉलेज संचालित है।
कॉलेज संचालकों ने अखाड़े की भूमि को क्रीड़ास्थल में शामिल करते हुए प्रतिमा को उखाड़कर कॉलेज के कमरे में कैद कर दिया। इस स्थिति पर परिजनों से प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाई। बच्चूसिंह की इस गुहार पर पीएमओ के हस्तक्षेप से आखिरकार शुक्रवार को मूर्ति कालेज के कब्जे से मुक्त कराते हुए स्थापित कराई गई है।
हालांकि कॉलेज प्रबंधक केके रावत ने बताया कि उक्त प्रतिमा को सम्मानपूर्वक कमरे में रखा गया था। शुक्रवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में सहमति पर प्रतिमा को पूर्व स्थान पर स्थापित करा दिया गया है।
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एक साल तक कैद रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की प्रतिमा आखिरकार गांव परखम मुस्तफाबाद में शुक्रवार को पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद स्थापित कर दी गई।
फरह के गांव परखम मुस्तफाबाद के बच्चू सिंह ने बताया कि उनके बाबा गोविंदराम मंत्री स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने गांव के बाहर अपनी जमीन में अखाड़े का संचालन किया। देहांत के बाद परिजनों द्वारा उनका अतिंम संस्कार उसी अखाड़े में करने के बाद 1987 में वहां प्रतिमा स्थापित कर दी थी। उक्त अखाड़े के पास कॉलेज संचालित है।
कॉलेज संचालकों ने अखाड़े की भूमि को क्रीड़ास्थल में शामिल करते हुए प्रतिमा को उखाड़कर कॉलेज के कमरे में कैद कर दिया। इस स्थिति पर परिजनों से प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाई। बच्चूसिंह की इस गुहार पर पीएमओ के हस्तक्षेप से आखिरकार शुक्रवार को मूर्ति कालेज के कब्जे से मुक्त कराते हुए स्थापित कराई गई है।
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हालांकि कॉलेज प्रबंधक केके रावत ने बताया कि उक्त प्रतिमा को सम्मानपूर्वक कमरे में रखा गया था। शुक्रवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में सहमति पर प्रतिमा को पूर्व स्थान पर स्थापित करा दिया गया है।
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