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फर्जी मार्कशीटों का 10 साल का रिकॉर्ड होगा तैयार
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 08 Jan 2015 01:28 AM IST
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केंद्रीय हिंदी संस्थान में अब बीते दस साल की फर्जी मार्कशीटों का रिकॉर्ड तैयार होगा। निदेशक के आदेश पर बुधवार को परीक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी रिकॉर्ड तैयार करने में जुटे रहे। रिकॉर्ड तैयार होने के बाद संबंधित आवेदकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
संस्थान के निदेशक प्रो. मोहन ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इसमें अधिकारियों के आपसी मनमुटाव को दूर करने का प्रयास किया गया। संस्थान की छवि खराब होने का हवाला भी दिया। इसके बाद परीक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। आपसी सामंजस्य कायम करने की कोशिश हुई।
मालूम हो कि पिछले दिनों संस्थान में 132 फर्जी मार्कशीट सत्यापन में पकड़ी गई थीं। उड़ीसा में संस्थान की फर्जी मार्कशीटों पर बड़ी संख्या में लोग नौकरी पा रहे हैं। सत्यापन में हर महीने ऐसी मार्कशीट सामने आ रही हैं। इसे लेकर अधिकारी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप में लगे हैं।
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कानूनी कार्रवाई से बच रहे अफसर
फर्जी मार्कशीट का रिकॉर्ड भले ही तैयार किया जा रहा हो, लेकिन ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई करने से अधिकारी बच रहे हैं। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के निर्देश पर अमल करने की जगह गेंद अब परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा विभाग के पाले में डाल दी है। परीक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा नियंत्रक ने फर्जी मार्कशीट मामले में संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारियों को केवल कठोर कार्रवाई के लिए कहा है न कि कानूनी कार्रवाई के लिए।
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संस्थान के निदेशक प्रो. मोहन ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इसमें अधिकारियों के आपसी मनमुटाव को दूर करने का प्रयास किया गया। संस्थान की छवि खराब होने का हवाला भी दिया। इसके बाद परीक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। आपसी सामंजस्य कायम करने की कोशिश हुई।
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मालूम हो कि पिछले दिनों संस्थान में 132 फर्जी मार्कशीट सत्यापन में पकड़ी गई थीं। उड़ीसा में संस्थान की फर्जी मार्कशीटों पर बड़ी संख्या में लोग नौकरी पा रहे हैं। सत्यापन में हर महीने ऐसी मार्कशीट सामने आ रही हैं। इसे लेकर अधिकारी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप में लगे हैं।
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कानूनी कार्रवाई से बच रहे अफसर
फर्जी मार्कशीट का रिकॉर्ड भले ही तैयार किया जा रहा हो, लेकिन ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई करने से अधिकारी बच रहे हैं। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के निर्देश पर अमल करने की जगह गेंद अब परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा विभाग के पाले में डाल दी है। परीक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा नियंत्रक ने फर्जी मार्कशीट मामले में संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारियों को केवल कठोर कार्रवाई के लिए कहा है न कि कानूनी कार्रवाई के लिए।