{"_id":"6880ec3af3762ae5080385e9","slug":"why-are-stray-dogs-becoming-aggressive-in-the-city-study-will-be-done-shimla-news-c-19-sml1001-572297-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: शहर में आक्रामक क्यों हो रहे लावारिस कुत्ते, होगा अध्ययन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: शहर में आक्रामक क्यों हो रहे लावारिस कुत्ते, होगा अध्ययन
विज्ञापन
संस्था के साथ मिलकर पहली बार लावारिस कुत्तों की गणना करने की भी तैयारी, संस्था ने नगर निगम को दी प्रस्तुति
कुत्तों के बदले व्यवहार को लेकर किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों की पहली बार गणना की जाएगी। साथ ही इनके आक्रामक होते व्यवहार का भी अध्ययन किया जाएगा। नगर निगम एक संस्था के साथ मिलकर शहर में लावारिस कुत्तों पर अध्ययन शुरू करने जा रहा है।इसमें न सिर्फ लावारिस कुत्तों की गणना होगी बल्कि इन्हें मौके पर ही एंटी रैबीज के टीके भी लगाए जाएंगे। इससे इनके काटने से बीमारियां फैलने का खतरा कम होगा।
टाउनहॉल में बुधवार को शहर की एक संस्था ने इस योजना पर महापौर सुरेंद्र चौहान के सामने प्रस्तुति दी है। नगर निगम के अनुसार यह संस्था लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक से जनता को राहत दिलाने के लिए निगम के साथ काम करने को तैयार है। शहर में अभी कितने लावारिस कुत्ते हैं, इनकी गणना नहीं हो पाई है। इसलिए अब इनकी गणना की जा रही है। शहर में हर माह 150 से ज्यादा लोग कुत्तों के काटने से लहूलुहान हो रहे हैं। पार्षद हर सदन में लावारिस कुत्तों की समस्या से राहत दिलाने का मामला उठा रहे हैं लेकिन सख्त नियमों के चलते निगम सिर्फ कुत्तों की नसबंदी तक सीमित है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि संस्था के साथ मिलकर शहर में लावारिस कुत्तों का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही लोगों को भी इनके बदले व्यवहार के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस योजना को जल्द शुरू करने के लिए इसका प्रस्ताव इस बार नगर निगम सदन में भी लाया जा रहा है।
विज्ञापन
कुत्तों के बदले व्यवहार को लेकर किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों की पहली बार गणना की जाएगी। साथ ही इनके आक्रामक होते व्यवहार का भी अध्ययन किया जाएगा। नगर निगम एक संस्था के साथ मिलकर शहर में लावारिस कुत्तों पर अध्ययन शुरू करने जा रहा है।इसमें न सिर्फ लावारिस कुत्तों की गणना होगी बल्कि इन्हें मौके पर ही एंटी रैबीज के टीके भी लगाए जाएंगे। इससे इनके काटने से बीमारियां फैलने का खतरा कम होगा।
टाउनहॉल में बुधवार को शहर की एक संस्था ने इस योजना पर महापौर सुरेंद्र चौहान के सामने प्रस्तुति दी है। नगर निगम के अनुसार यह संस्था लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक से जनता को राहत दिलाने के लिए निगम के साथ काम करने को तैयार है। शहर में अभी कितने लावारिस कुत्ते हैं, इनकी गणना नहीं हो पाई है। इसलिए अब इनकी गणना की जा रही है। शहर में हर माह 150 से ज्यादा लोग कुत्तों के काटने से लहूलुहान हो रहे हैं। पार्षद हर सदन में लावारिस कुत्तों की समस्या से राहत दिलाने का मामला उठा रहे हैं लेकिन सख्त नियमों के चलते निगम सिर्फ कुत्तों की नसबंदी तक सीमित है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि संस्था के साथ मिलकर शहर में लावारिस कुत्तों का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही लोगों को भी इनके बदले व्यवहार के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस योजना को जल्द शुरू करने के लिए इसका प्रस्ताव इस बार नगर निगम सदन में भी लाया जा रहा है।
विज्ञापन